गंजबासौदा के रेलवे स्टेशन क्षेत्र स्थित शराब दुकान एक बार फिर विवादों में है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में दावा किया गया है कि दुकान निर्धारित समय से पहले सुबह करीब 6:30 बजे खुली मिली और ग्राहकों से निर्धारित एमआरपी से अधिक राशि वसूली गई। वीडियो में ₹110 की एमआरपी वाली बोतल ₹120 में देने की बात सामने आती है। दुकान के अंदर से कथित तौर पर आवाज सुनाई देती है — “अभी सुबह है, 120 रुपये लगेंगे।”

मध्य प्रदेश आबकारी नियमों के अनुसार शराब दुकानों का संचालन समय सुबह 9:30 बजे से रात 11:30 बजे तक निर्धारित है। ऐसे में सुबह तड़के बिक्री होना सीधे तौर पर नियमों का उल्लंघन माना जाता है। इससे पहले 9 तारीख की रात 12 बजे के आसपास भी बिक्री का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें तय समय सीमा के बाद शराब दिए जाने का दावा किया गया था।

रेट लिस्ट लगाना अनिवार्य

मध्य प्रदेश आबकारी विभाग के नियमों के अनुसार शराब दुकान पर रेट लिस्ट (MRP सूची) लगाना लाइसेंस की अनिवार्य शर्त है।

  • दुकान के मुख्य प्रवेश द्वार पर स्पष्ट और पढ़ने योग्य रेट लिस्ट लगाना जरूरी है, ताकि ग्राहक अंदर आने से पहले कीमत देख सके।

  • बिक्री काउंटर या कैश काउंटर के पास भी रेट लिस्ट प्रदर्शित करना अनिवार्य है, जिससे ग्राहक खरीदते समय मूल्य का मिलान कर सके।

इसके बावजूद यदि एमआरपी से अधिक वसूली की पुष्टि होती है तो यह लाइसेंस शर्तों का उल्लंघन माना जाएगा।

किन धाराओं में हो सकती है कार्रवाई?

मामले की पुष्टि होने पर मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई संभव है—

  • धारा 34(1) — अवैध विक्रय एवं नियम विरुद्ध बिक्री

  • धारा 36 एवं 37 — लाइसेंस शर्तों का उल्लंघन

  • धारा 54 — एमआरपी से अधिक मूल्य पर विक्रय
    दोष सिद्ध होने पर लाइसेंस निलंबन, निरस्तीकरण और आर्थिक दंड की कार्रवाई भी की जा सकती है।

अधिकारियों से संपर्क

मामले में प्रतिक्रिया के लिए संबंधित अधिकारियों से संपर्क का प्रयास किया गया। भोपाल आबकारी अधिकारी, जिला आबकारी अधिकारी शरद पाठक तथा गंजबासौदा आबकारी अधिकारी रवि धाकड़ को सुबह फोन किए गए, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।

प्रशासन का क्या कहना है?

गंजबासौदा एसडीएम अनुभा जैन ने कहा कि वे वीडियो की पुष्टि कराएंगी और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।लगातार सामने आ रहे वीडियो और आरोपों के बीच अब बड़ा सवाल यह है कि क्या कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित रहेगी या आबकारी विभाग सख्त कदम उठाएगा। फिलहाल स्थानीय लोग निष्पक्ष जांच और ठोस कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रहे हैं।