सिविल अस्पताल रांझी में 108 एंबुलेंस सेवा की लापरवाही उजागर, मरीज डेढ़ घंटे तक रही परेशान
जबलपुर (रांझी)।
सिविल अस्पताल रांझी में आपातकालीन 108 एंबुलेंस सेवा की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। खमरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत निवासी रेवा बाई को इलाज के लिए सिविल अस्पताल रांझी लाया गया था। अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों ने मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए विक्टोरिया अस्पताल रेफर करने की सलाह दी।डॉक्टरों की सलाह के बाद तत्काल 108 एंबुलेंस सेवा को कॉल किया गया, लेकिन कॉल करने पर सही जवाब नहीं मिला। परिजनों का आरोप है कि कॉल पर केवल “गाड़ी आ रही है, गाड़ी आ रही है” कहकर बात टाल दी गई। इस बीच करीब 1 घंटा 45 मिनट का समय बीत गया, लेकिन एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची।हैरान करने वाली बात यह रही कि अस्पताल परिसर में ही एक 108 एंबुलेंस खड़ी थी। जब परिजनों ने एंबुलेंस के पायलट से संपर्क किया तो उसने बताया कि गाड़ी चलने की स्थिति में नहीं है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि यदि एंबुलेंस खराब है तो उसे ड्यूटी पर क्यों खड़ा किया गया और वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की गई।इस पूरे घटनाक्रम से मरीज और उसके परिजनों को भारी मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा। परिजनों का कहना है कि यदि मरीज को इस देरी के कारण कुछ अनहोनी हो जाती है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा—सरकार, अस्पताल प्रशासन या 108 एंबुलेंस सेवा?स्थानीय लोगों का कहना है कि 108 जैसी आपातकालीन सेवा का उद्देश्य समय पर मरीज को उपचार उपलब्ध कराना है, लेकिन इस तरह की लापरवाही से सेवा की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी मरीज की जान जोखिम में न पड़े।

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