नागदा। अवैध पीली मिट्टी के उत्खनन और ईंट भट्‌टों के संचालन के मामले में एनजीटी ने पहली सुनवाई के बाद बड़ा कदम उठाते हुए कुल 9 विभागों को नोटिस जारी किए हैं। इन विभागों को आगामी 2 फरवरी को सुनवाई में अपना पक्ष रखना होगा। इसके साथ ही एनजीटी ने अवैध उत्खनन की जांच के लिए केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड, मप्र प्रदूषण बोर्ड और कलेक्टर कार्यालय की संयुक्त तीन सदस्यीय टीम गठित की है, जो 6 सप्ताह में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। आदेश के अनुसार जांच दल याचिकाकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचकर अवैध पीली मिट्टी उत्खनन करने वालों और बिना अनुमति संचालित ईंट भट्‌टों को सूचीबद्ध करेगा।

अभिभाषक अभिषेक चौरसिया ने बताया कि पर्यावरण को हो रहे नुकसान को लेकर रवींद्र रघुवंशी और संगीता चौहान ने याचिका दायर की थी। न्यायाधीश दिनेश कुमार सिंह और सुधीर कुमार चतुर्वेदी की बेंच ने याचिका स्वीकार करते हुए नोटिस जारी किए और जांच टीम गठित की है। टीम मौके का निरीक्षण कर अवैध गतिविधियों की सूची तैयार कर कोर्ट में रिपोर्ट पेश करेगी।

इधर एनजीटी मामला दर्ज होने के बाद अधिकारियों ने भी तेजी दिखाई है। लगातार शिकायतों के बीच राजस्व और खनिज विभाग की टीम ने दूसरे दिन भी जांच जारी रखी। बुधवार को टीम ने गांव गिदगढ़ में चंबल किनारे शासकीय और निजी भूमि पर 20 से 25 फीट गहरे खुदाई वाले स्थानों का निरीक्षण किया और अवैध उत्खनन में शामिल लोगों के नाम सूचीबद्ध किए। लगभग 10 सर्वे नंबरों की जानकारी जुटाई गई है।