लखनऊ विधानसभा घेराव से पहले मथुरा में कांग्रेस नेताओं को नजरबंद किया गया
लखनऊ में प्रस्तावित विधानसभा घेराव कार्यक्रम से पहले मथुरा में पुलिस ने एहतियातन कार्रवाई करते हुए कांग्रेस नेताओं को नजरबंद कर दिया। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के आह्वान पर कार्यकर्ता लखनऊ पहुंचकर विधानसभा का घेराव करने वाले थे, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने कानून-व्यवस्था के मद्देनज़र यह कदम उठाया।मथुरा महानगर कांग्रेस अध्यक्ष पंडित यतेंद्र मुकदम को थाना कोतवाली पुलिस ने उनके पैतृक निवास संतोषपुर से नजरबंद किया। थाना प्रभारी निरीक्षक विनोद बाबू अपनी टीम के साथ सुबह उनके आवास पर पहुंचे और उन्हें बाहर जाने से रोक दिया। इसी क्रम में कांग्रेस जिला अध्यक्ष मुकेश धनगर सहित कई अन्य पदाधिकारियों को भी अलग-अलग स्थानों पर नजरबंद किया गया।नजरबंदी के दौरान पंडित यतेंद्र मुकदम और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली। मुकदम ने पुलिस की कार्रवाई को अलोकतांत्रिक बताते हुए कहा कि सरकार विरोध की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि योगी आदित्यनाथ सरकार मजदूरों, गरीबों और आम जनता के अधिकारों के लिए उठ रही आवाज को रोकना चाहती है और यह कार्रवाई संविधान द्वारा प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है।कांग्रेस पदाधिकारियों ने पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए नजरबंद किए गए सभी नेताओं को तत्काल रिहा करने की मांग की है। पार्टी नेताओं का कहना है कि वे जनहित के मुद्दों पर संघर्ष जारी रखेंगे और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाते रहेंगे।वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी संभावित अव्यवस्था से बचने के लिए यह कदम उठाया गया है। शहर में पूरे दिन पुलिस सतर्क रही और प्रमुख स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।

भोपाल में आवारा कुत्तों की सूचना देने पर विवाद, दो महिलाएं गंभीर घायल
मोटर साइकिल चोरी करने वाला गिरोह पकड़ा, पुलिस ने 13 बाइक की जब्त
IND vs PAK: ऐसा हुआ तो टी20 विश्वकप में फिर होगा महामुकाबला! भारत-पाकिस्तान आ सकते हैं आमने-सामने, पूरा समीकरण
सिरोही में बड़ी कार्रवाई, ईनामी डोडा पोस्त सप्लायर गैंग पकड़ा गया
खाचरोद–नागदा विधानसभा क्षेत्र में बेमौसम बारिश से किसानों को भारी नुकसान, मुख्यमंत्री के नाम SDM को सौंपा ज्ञापन
अस्पताल की मांग को लेकर कांग्रेस का वॉकआउट