खरगोन। रमजान से पूर्व आने वाली 15वीं शाबान, जिसे शबे-बरात कहा जाता है, इस वर्ष भी खरगोन में पूरी अकीदत और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर मुस्लिम समाज के लोगों ने नमाज़ अदा की, इबादत में मशगूल रहे, कुरान शरीफ की तिलावत की और रातभर जागकर अल्लाह की बारगाह में दुआएं मांगी।इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार शबे-बरात एक मुकद्दस रात मानी जाती है, जिसमें आने वाले वर्ष से जुड़े फैसले लिखे जाते हैं। माना जाता है कि इसी रात इंसान की ज़िंदगी, मौत, रोज़ी-रिज़्क़ और नसीब से जुड़े फैसले तय होते हैं। इसी कारण शबे-बरात की रात को इबादत के साथ-साथ आत्ममंथन और अपने आमाल की समीक्षा की रात भी माना जाता है।शबे-बरात की रात 12 बजे के बाद बड़ी संख्या में लोग अपने मरहूम परिजनों की मग़फिरत के लिए कब्रिस्तानों में पहुंचे और फातिहा पढ़कर दुआएं कीं। कई लोगों ने इस अवसर पर नवाफिल रोज़ा भी रखा और देश व जिले में अमन-चैन और खुशहाली की दुआ मांगी।शहर की तमाम मस्जिदों में विशेष नमाज़ का आयोजन किया गया, जहां हजारों की संख्या में लोगों ने शिरकत कर अल्लाह से रहमत और बरकत की दुआएं कीं।गौरतलब है कि शबे-बरात के लगभग 15 दिन बाद पाक महीना रमजान चांद के दीदार के साथ शुरू होता है, जिसमें आने वाली एक मुकद्दस रात को हजार महीनों से भी अफज़ल माना जाता है।