मासूमियत में इबादत का जज्बा, अल्वेज़ ने रखा पहला रोज़ा
रमजान का पवित्र महीना चल रहा है, जिसे मुस्लिम समाज में विशेष आस्था और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। इस पाक महीने में रोज़ा रखकर अल्लाह की इबादत करने और पांच वक्त की नमाज़ अदा करने का विशेष महत्व है। झालावाड़ जिले सहित पूरे देश में रमजान को लेकर मुस्लिम समाज में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।इसी क्रम में झालावाड़ जिले के अकलेरा कस्बे में आसिफ मोहम्मद के सात वर्षीय बेटे अल्वेज़ मोहम्मद ने अपना पहला रोज़ा रखा। इतनी कम उम्र में रोज़ा रखकर अल्वेज़ ने धार्मिक आस्था, अनुशासन और समर्पण का परिचय दिया, जिससे परिवार और समाज में खुशी का माहौल रहा।अल्वेज़ के पिता आसिफ मोहम्मद ने बताया कि उनके बेटे ने पूरे दिन संयम और धैर्य के साथ रोज़ा पूरा किया। रोज़ा इफ्तार के बाद परिवारजनों ने दुआ की और अल्वेज़ का हौसला बढ़ाया। इस अवसर पर परिवार के सदस्यों और मित्रों ने उसे शुभकामनाएं देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।परिजनों का कहना है कि बचपन से ही बच्चों में धार्मिक संस्कार और अच्छे मूल्यों का विकास होना आवश्यक है, ताकि वे भविष्य में एक अच्छे इंसान बन सकें। अल्वेज़ का पहला रोज़ा समाज के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है।

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