यमुना एक्सप्रेसवे किनारे अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर, मथुरा में मचा हड़कंप
मथुरा। यमुना एक्सप्रेसवे विकास प्राधिकरण ने मथुरा में अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ी और सख्त कार्रवाई करते हुए एक्सप्रेसवे किनारे बुलडोजर चलाया। बिना अनुमति किए जा रहे निर्माणों पर प्राधिकरण की कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।प्राधिकरण की टीम ने यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे बन रहे निर्माणाधीन होटल और अवैध रूप से विकसित की जा रही कॉलोनियों को ध्वस्त किया। अधिकारियों के मुताबिक ये सभी निर्माण मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘हेरिटेज सिटी’ के अंतर्गत तय नियमों का उल्लंघन करते हुए बिना अनुमति किए जा रहे थे।यमुना एक्सप्रेसवे विकास प्राधिकरण के ओएसडी शैलेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि संबंधित निर्माणकर्ताओं को पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके थे, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी रखा गया। ऐसे में मजबूरन यह कार्रवाई करनी पड़ी। उन्होंने साफ कहा कि एक्सप्रेसवे क्षेत्र में बिना अनुमति किसी भी तरह का व्यावसायिक या अन्य निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा और आगे भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।कार्रवाई के दौरान एक निर्माणाधीन मंदिर पर भी बुलडोजर चलाए जाने से विवाद की स्थिति बन गई। स्थानीय लोगों और मंदिर ट्रस्ट से जुड़े लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि मंदिर निर्माण को लेकर उन्हें कोई पूर्व सूचना या नोटिस नहीं दिया गया था। उनका कहना था कि यह भगवान श्रीराम और माता जानकी का मंदिर था, जिसे बिना जानकारी के ध्वस्त कर दिया गया।वहीं प्रशासन का कहना है कि नियम सभी के लिए समान हैं और चाहे कोई भी निर्माण हो, बिना अनुमति किए गए निर्माण को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में अवैध निर्माण के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।

कौन हैं एआई किड ऑफ इंडिया, इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान चर्चा में क्यों? जानिए उनके बारे में सबकुछ
मासूमियत में इबादत का जज्बा, अल्वेज़ ने रखा पहला रोज़ा
टैरिफ ट्रंप का सबसे बड़ा हथियार: सस्ती दवाओं के लिए फ्रांस पर बनाया दबाव, वाइन पर 100% टैक्स की दी धमकी
Export Measures: निर्यात बढ़ाने के लिए सरकार के सात कदम, ई-कॉमर्स निर्यातकों को सस्ते कर्ज के साथ मदद भी
क्यों रूठ गए एमपी के गवर्नर? चाय छोड़ी, बीच में ही उठे खाने से
भागीरथपुरा जल त्रासदी पर विधानसभा में जोरदार हंगामा