नागदा।
नागदा क्षेत्र में वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने को लेकर दर्ज कराई गई आपत्तियों के बाद प्रशासन ने जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। पूर्व विधायक दिलीप सिंह गुर्जर ने प्रेस वार्ता कर जानकारी दी कि प्ररूप-7 के माध्यम से लगाए गए फर्जी आपत्तियों के निराकरण के लिए सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं तहसीलदार मधु नायक द्वारा जांच दल का गठन किया गया है।पूर्व विधायक गुर्जर ने बताया कि नागदा शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र के विभिन्न मतदान केंद्रों पर भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारियों एवं नेताओं द्वारा एकमुश्त और थोक में 3200 से अधिक वैध मतदाताओं के नाम काटने हेतु आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं। ये सभी मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के दौरान पात्र पाए गए थे। इसको लेकर सैकड़ों मतदाताओं ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और निष्पक्ष जांच की मांग की थी।उन्होंने बताया कि प्रशासन द्वारा गठित जांच दल 24 जनवरी 2026 से 27 जनवरी 2026 तक नागदा शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन करेगा। इस दौरान मतदाताओं के पहचान और निवास संबंधी दस्तावेजों की जांच की जाएगी, ताकि किसी भी वैध मतदाता का नाम मतदाता सूची से गलत तरीके से विलोपित न हो।पूर्व विधायक दिलीप सिंह गुर्जर ने कांग्रेस के समस्त बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) और पार्टी पदाधिकारियों से अपील की कि जिन मतदाताओं के नामों पर आपत्ति दर्ज की गई है, उनकी दस्तावेज तैयार कराने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि जब जांच दल सत्यापन के लिए पहुंचे, तो मतदाता अपने सभी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर आपत्तियों का शीघ्र निराकरण करा सकें।उन्होंने यह भी चिंता जताई कि खाचरौद शहर और ग्रामीण क्षेत्र के लिए अब तक कोई जांच दल गठित नहीं किया गया है। पूर्व विधायक ने मांग की कि वहां भी शीघ्र जांच दल का गठन किया जाए, ताकि किसी भी वैध मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटाया न जा सके।पूर्व विधायक ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए हर पात्र नागरिक का मताधिकार सुरक्षित रहना आवश्यक है और इस विषय में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।