मथुरा जनपद के गौकुल क्षेत्र में 220 केवी हाईटेंशन ट्रांसमिशन टावर लाइनों के नीचे अवैध कॉलोनियों का गंभीर मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि गौकुल स्थित विद्युत स्टेशन के पीछे भू-माफियाओं द्वारा बिना किसी अनुमति कॉलोनियां विकसित की जा रही हैं और भोले-भाले लोगों को आवासीय प्लॉट बेचे जा रहे हैं। इस निर्माण के लिए न तो कोई लेआउट स्वीकृति ली गई है और न ही विद्युत विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त किया गया है।विशेषज्ञों के अनुसार, हाईटेंशन लाइनों के नीचे आवासीय निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित है। ऐसे निर्माण से करंट लीकेज, आर्किंग और टावर फेल होने जैसी घटनाओं का खतरा रहता है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) के नियमों के अनुसार 220 केवी ट्रांसमिशन लाइन के दोनों ओर 30 से 35 मीटर का सुरक्षा क्षेत्र यानी राइट ऑफ वे (ROW) तय है, जिसमें मकान, दुकान, स्कूल या किसी भी प्रकार का स्थायी निर्माण करना दंडनीय अपराध माना जाता है।पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (PGCIL) के अनुसार, टावर लाइनों के नीचे की जमीन केवल कृषि या खुले उपयोग के लिए होती है और बिना लिखित एनओसी कोई निर्माण अवैध है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, यूपीपीटीसीएल और पीजीसीआईएल से मामले का तुरंत संज्ञान लेने और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी भी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके।