लहसुन फसल नुकसान मामले में 5 सदस्यीय जांच टीम मौके पर पहुंची, खेत में भारी क्षति पाई गई
नागदा जं. | निप्र
कृषि दवा के छिड़काव से लहसुन की फसल खराब होने के मामले में कृषि विभाग की 5 सदस्यीय जांच टीम मंगलवार को मौके पर पहुंची। किसान द्वारा इस संबंध में दिनांक 12 जनवरी 2026 को अनुविभागीय अधिकारी, अनुविभागीय कार्यालय नागदा को शिकायत प्रस्तुत की गई थी, जिस पर कार्रवाई करते हुए आज 03 फरवरी 2026 को जांच दल ग्राम कुंडला, तहसील उन्हेल, जिला उज्जैन पहुंचा।जांच टीम में कृषि वैज्ञानिक सहित कृषि विभाग के अन्य अधिकारी शामिल थे। यह मामला मंडी स्थित “किसान बाजार, लालघाटी, उन्हेल” से खरीदी गई कृषि दवा के छिड़काव के बाद लहसुन की फसल नष्ट होने से जुड़ा हुआ है।प्राप्त जानकारी के अनुसार जांच टीम किसान श्री मांगीलाल पिता देवजी के खेत पर पहुंची, जहां लहसुन की फसल की स्थिति का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान खेत में खड़ी लहसुन की फसल में भारी नुकसान पाया गया।कृषि वैज्ञानिकों और अधिकारियों द्वारा मौके पर फसल की वास्तविक स्थिति का प्रत्यक्ष अवलोकन कर आवश्यक तथ्य और विवरण दर्ज किए गए। इस दौरान सरपंच प्रतिनिधि, किसान नेता मुकेश धानक तथा पंचों की उपस्थिति में पंचनामा भी तैयार किया गया।जांच के दौरान उपस्थित पंचों और अधिकारियों के समक्ष खेत में खड़ी लहसुन की फसल में झुलसने और खराब होने के स्पष्ट लक्षण पाए गए। बताया गया कि यह पूरी जांच किसान द्वारा कृषि दवा विक्रेता के विरुद्ध पूर्व में की गई शिकायत के आधार पर की जा रही है।कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जांच रिपोर्ट तैयार कर सक्षम अधिकारी को प्रस्तुत की जाएगी, जिसके बाद नियमानुसार आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।वहीं किसान ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए और उन्हें हुई फसल क्षति का उचित मुआवजा दिलाया जाए।

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