कसरावद में अकीदत और श्रद्धा के साथ मनाई गई शबे-बरात, रातभर हुई इबादत और दुआएं
खरगोन। रमजान से पूर्व आने वाली 15वीं शाबान, जिसे शबे-बरात कहा जाता है, इस वर्ष भी कसरावद में पूरी अकीदत और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस मौके पर मुस्लिम समाज के लोगों ने मस्जिदों में नमाज़ अदा की, कुरान शरीफ की तिलावत की और रातभर जागकर अल्लाह की बारगाह में दुआएं मांगी।इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार शबे-बरात एक मुकद्दस रात मानी जाती है, जिसमें आने वाले वर्ष से जुड़े फैसले लिखे जाते हैं। माना जाता है कि इसी रात इंसान की ज़िंदगी, मौत, रोज़ी-रिज़्क़ और नसीब से जुड़े फैसले तय होते हैं, इसी कारण इस रात की इबादत का विशेष महत्व होता है।शबे-बरात की रात 12 बजे के बाद बड़ी संख्या में लोग अपने मरहूम परिजनों की मग़फिरत के लिए कब्रिस्तानों में पहुंचे और फातिहा पढ़कर दुआएं कीं। वहीं जामा मस्जिद में शहर काज़ी इरफान कादरी ने बयान दिए, जिसमें शबे-बरात की अहमियत पर रोशनी डाली गई।इस अवसर पर मुस्लिम समाज द्वारा देश में अमन-चैन, भाईचारे और खुशहाली की दुआ मांगी गई। पूरे क्षेत्र में धार्मिक माहौल बना रहा और लोग पूरी शांति और अनुशासन के साथ इबादत में जुटे नजर आए।

कौन हैं एआई किड ऑफ इंडिया, इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान चर्चा में क्यों? जानिए उनके बारे में सबकुछ
मासूमियत में इबादत का जज्बा, अल्वेज़ ने रखा पहला रोज़ा
राजस्थान के विनोद जाखड़ बने National Students' Union of India के राष्ट्रीय अध्यक्ष
टैरिफ ट्रंप का सबसे बड़ा हथियार: सस्ती दवाओं के लिए फ्रांस पर बनाया दबाव, वाइन पर 100% टैक्स की दी धमकी
Export Measures: निर्यात बढ़ाने के लिए सरकार के सात कदम, ई-कॉमर्स निर्यातकों को सस्ते कर्ज के साथ मदद भी
क्यों रूठ गए एमपी के गवर्नर? चाय छोड़ी, बीच में ही उठे खाने से