मथुरा। बृज क्षेत्र में होली उत्सव से पहले श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर केस के मुख्य याचिकाकर्ता और श्रीकृष्ण जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी महाराज द्वारा मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र को लेकर चर्चा तेज हो गई है। पत्र में उन्होंने मांग की है कि होली के दौरान मंदिरों के आसपास मुस्लिम समुदाय के लोगों को दुकानें लगाने और रंग बेचने की अनुमति न दी जाए। उनके इस बयान के बाद सामाजिक और धार्मिक स्तर पर बहस छिड़ गई है।फलाहारी महाराज का कहना है कि होली एक पवित्र पर्व है और इसकी परंपराओं की शुद्धता बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने आशंका जताई कि पवित्र रंगों के साथ छेड़छाड़ की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, इसलिए प्रशासन को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। उनकी इस अपील को लेकर कुछ साधु-संतों ने समर्थन जताते हुए प्रशासन से कड़े इंतजाम करने की मांग की है।यह मामला विशेष रूप से श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर क्षेत्र से जुड़ा है, जहां हर वर्ष होली के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु देश-विदेश से पहुंचते हैं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, त्योहार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि सभी समुदायों के बीच शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।गौरतलब है कि दिनेश फलाहारी महाराज इससे पहले भी श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मुद्दों को लेकर चर्चा में रहे हैं। उन्होंने दावा किया है कि वे पिछले कई वर्षों से अपने संकल्प पर कायम हैं। वहीं, कई सामाजिक संगठनों का कहना है कि त्योहार आपसी भाईचारे और एकता का संदेश देते हैं, ऐसे में सभी पक्षों को संयम और समझदारी से काम लेना चाहिए।प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों से दूर रहें और होली का पर्व शांतिपूर्ण व सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाएं।