रीवा जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए तहसील कार्यालय गुढ़ में पदस्थ कंप्यूटर ऑपरेटर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी कंप्यूटर ऑपरेटर आवेदक की बेटी के यूज प्रमाण पत्र के सत्यापन के बदले 10 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था।ईओडब्ल्यू रीवा की टीम ने आज तहसील गुढ़, जिला रीवा में पदस्थ तहसीलदार के कंप्यूटर ऑपरेटर भगवानदीन चौरसिया को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए मौके पर ही पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि आरोपी लंबे समय से फरियादी से रिश्वत की मांग कर रहा था और बिना पैसे लिए फाइल को जानबूझकर लंबित रखा गया था।इस मामले में फरियादी वृजेंद्र मणि त्रिपाठी, निवासी ग्राम नर्रहा, तहसील गुढ़, जिला रीवा ने ईओडब्ल्यू रीवा में शिकायत दर्ज कराई थी। फरियादी के अनुसार, अक्टूबर 2024 में उनकी बेटी के यूज प्रमाण पत्र का सत्यापन बालाघाट कार्यालय से तहसील गुढ़ में भेजा गया था, लेकिन कंप्यूटर ऑपरेटर भगवानदीन चौरसिया सत्यापन के नाम पर लगातार 10 हजार रुपये की रिश्वत की मांग कर रहा था।शिकायत का सत्यापन करने के बाद ईओडब्ल्यू रीवा की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की। आज जैसे ही आरोपी ने रिश्वत की रकम लेने के लिए फरियादी को तहसील कार्यालय गुढ़ बुलाया, ईओडब्ल्यू की टीम ने उसे 10 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।फिलहाल आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई से सरकारी दफ्तरों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर एक बार फिर ईओडब्ल्यू ने करारा प्रहार किया है।