खरगोन।
खरगोन में टंट्या मामा मूर्ति की खरीदी को लेकर विवाद गरमाया हुआ है। बाजारों, गलियों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मूर्ति की गुणवत्ता और निर्माण सामग्री को लेकर सवाल उठने लगे थे। लोगों का सवाल था कि क्या मूर्ति धातु या पत्थर की होनी चाहिए थी और क्या इस मामले में लाखों का खेल हुआ।कांग्रेस कमिटी के सदस्यों ने कलेक्टर खरगोन को शिकायत की। मीडिया और सोशल मीडिया पर उठे सवालों के बाद नगर पालिका परिषद (PIC) की बैठक में यह मुद्दा उभरा। बैठक में ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट किया गया और दो इंजीनियरों को नोटिस जारी किए गए।नगर पालिका अध्यक्ष छाया जोशी ने मीडिया से चर्चा में बताया कि ठेकेदार की गलती से फाइबर मटेरियल की मूर्ति लगाई गई, जबकि टेंडर में संगमरमर की मूर्ति क्रय का आदेश था। अब टंट्या मामा की नई मूर्ति धातु से लगाई जाएगी। नगर पालिका अधिकारी कमला कौल ने कहा कि जांच के लिए उन्हें अधिकृत किया गया है और ठेकेदार ने अपनी गलती स्वीकार कर माफी भी मांगी है।कांग्रेस ने उचित कार्यवाही की मांग करते हुए 16 जनवरी को धरना देने की चेतावनी दी है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष रवि नाईक ने कहा कि टंट्या मामा मूर्ति क्रय में हुई धांधली को देश और क्रांतिकारी टंट्या मामा का अपमान बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि नगर पालिका में दोषियों पर कार्रवाई न होने की स्थिति में टंट्या मामा तिराहे पर जनांदोलन किया जाएगा।