मथुरा। शहर के नगर निगम कार्यालय परिसर में अवैध पार्किंग की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। हैरानी की बात यह है कि जहां नगर निगम द्वारा वाहनों के लिए निर्धारित पार्किंग स्थल बनाया गया है, वहीं इसके बावजूद लोग नियमों को ताक पर रखकर मनमाने ढंग से अपने वाहन खड़े कर रहे हैं। इसका सीधा असर कार्यालय आने वाले आम नागरिकों और कर्मचारियों पर पड़ रहा है।नगर निगम कार्यालय में रोजाना बड़ी संख्या में लोग अपने कामकाज के लिए पहुंचते हैं। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से परिसर में विधिवत पार्किंग की व्यवस्था की गई है, लेकिन कई वाहन चालक निर्धारित पार्किंग का उपयोग करने के बजाय अपने दोपहिया वाहन प्रवेश द्वार, गलियारों और नो-पार्किंग जोन में खड़े कर देते हैं। इससे न केवल रास्ता बाधित होता है, बल्कि आपात स्थिति में भी भारी परेशानी खड़ी हो सकती है।गुरुवार सुबह सामने आई तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि नगर निगम कार्यालय परिसर के नो-पार्किंग क्षेत्र में बाइकों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। नियमों के इस खुले उल्लंघन ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब नियम बनाने वाली संस्था के परिसर में ही नियमों का पालन नहीं हो रहा, तो शहर की यातायात व्यवस्था सुधरने की उम्मीद कैसे की जा सकती है।कार्यालय आने वाले नागरिकों ने बताया कि अवैध रूप से खड़े वाहनों के कारण पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है। बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगजनों को खास तौर पर काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वहीं कई कर्मचारियों को भी समय पर कार्यालय पहुंचने में परेशानी होती है।स्थानीय लोगों और कर्मचारियों ने प्रशासन से मांग की है कि नगर निगम कार्यालय परिसर में अवैध पार्किंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही नियमित निगरानी और स्पष्ट चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं, ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके। लोगों का मानना है कि यदि यहां सख्ती दिखाई गई, तो इसका सकारात्मक संदेश पूरे शहर में जाएगा।