रीवा, मध्य प्रदेश।
UGC (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) के नए कानूनों को लेकर मध्य प्रदेश के रीवा जिले में विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज के प्रदेश सचिव सतीश चौबे और श्रावण सेना के जिला अध्यक्ष अनुराग मिश्रा ने इन कानूनों के विरोध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खून से लिखा पत्र भेजकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। इस घटनाक्रम के बाद शिक्षा और सामाजिक संगठनों में चर्चा का माहौल बन गया है।विरोध करने वालों का कहना है कि उन्होंने यह कदम सरकार तक अपनी बात गंभीरता से पहुंचाने के उद्देश्य से उठाया है। पत्र के माध्यम से उन्होंने UGC के नए कानूनों को तत्काल वापस लेने की मांग की है।

क्या है विरोध का कारण

सतीश चौबे का कहना है कि UGC का नया कानून

  • समाज को बांटने वाला है,

  • सामान्य वर्ग के अधिकारों के साथ अन्याय करता है,

  • और शैक्षणिक संस्थानों में असंतुलन एवं वैमनस्य को बढ़ावा देगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि यह कानून जनभावनाओं के विपरीत है और इसे बिना व्यापक संवाद के लागू किया जा रहा है।

आंदोलन तेज करने की चेतावनी

पंडित सतीश चौबे ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि UGC के नए कानूनों को वापस नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक किया जाएगा और यह देशव्यापी रूप ले सकता है। खून से लिखे पत्र के माध्यम से उन्होंने प्रधानमंत्री से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि यह कानून सामाजिक समरसता के लिए खतरा है और इसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए।विरोध प्रदर्शन में शामिल युवाओं का कहना है कि UGC के नए नियम छात्रों और शिक्षा व्यवस्था के भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव डालेंगे। अपनी मांगों की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए उन्होंने यह प्रतीकात्मक कदम उठाया।इस घटना के बाद शिक्षा जगत और सामाजिक संगठनों में विरोध के तरीकों और UGC के नए कानूनों को लेकर बहस तेज हो गई है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार और UGC इस विरोध पर क्या प्रतिक्रिया देती है।