मथुरा/वृन्दावन।
धर्मनगरी वृन्दावन के कुंभ मेला क्षेत्र में आयोजित सुदामा कुटी के भव्य शताब्दी महोत्सव में मंगलवार को उस समय विशेष आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ, जब बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। उनके आगमन से महोत्सव स्थल पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में डूब गया।महोत्सव स्थल पर पहुंचकर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सुदामा कुटी के प्रमुख संतों, वरिष्ठ धर्माचार्यों एवं साधु-संतों से आत्मीय भेंट की और सभी को श्रद्धापूर्वक प्रणाम किया। इस अवसर पर उन्होंने सुदामा कुटी द्वारा बीते 100 वर्षों से सनातन संस्कृति, सेवा, साधना और सामाजिक समरसता के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की मुक्तकंठ से सराहना की।अपने संबोधन में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि सुदामा कुटी जैसे आध्यात्मिक केंद्र भारतीय संस्कृति की आत्मा को सशक्त बनाए रखने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने संतों के सान्निध्य को समाज के लिए आवश्यक बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ते हैं।बागेश्वर धाम सरकार के आगमन की सूचना मिलते ही महोत्सव स्थल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालु उनके दर्शन और आशीर्वचन प्राप्त करने के लिए उत्साहित दिखाई दिए। पूरे परिसर में जयकारों, भजनों और भक्तिरस की गूंज सुनाई दी।शताब्दी महोत्सव के अंतर्गत यज्ञ, प्रवचन, भजन, संत सम्मेलन, सेवा शिविर एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से आए संत, महंत, समाजसेवी और श्रद्धालु सहभागिता कर रहे हैं। आयोजकों के अनुसार यह महोत्सव आध्यात्मिक पर्यटन, सामाजिक सहयोग और सांस्कृतिक चेतना को नई दिशा देगा।कार्यक्रम के दौरान उपस्थित संतों, धर्माचार्यों और श्रद्धालुओं ने पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के विचारों का करतल ध्वनि से स्वागत किया, जिससे संपूर्ण वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो उठा।