251 कुंडी विराट गायत्री महायज्ञ के अंतर्गत ग्वारीघाट में उमड़ा आस्था का महासागर
जबलपुर। अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में आयोजित 251 कुंडी विराट गायत्री महायज्ञ (दिनांक 19 से 22 दिसंबर 2025) के पावन अवसर पर जबलपुर में एक अद्भुत, अलौकिक एवं ऐतिहासिक कलश यात्रा का भव्य आयोजन किया गया। यह दिव्य यात्रा परम आदरणीय श्याम बिहारी दुबे भाई जी के नेतृत्व में सम्पन्न हुई, जिसने संपूर्ण नगर को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत कर दिया। गीता धाम मंदिर के सामने, ग्वारीघाट में आयोजित महायज्ञ की दिव्य भूमिका के रूप में निकली इस कलश यात्रा में 1100 मातृशक्तियों ने सिर पर पवित्र कलश धारण कर बादशाह हलवाई क्षेत्र से गीता धाम मंदिर, ग्वारीघाट तक पदयात्रा की। ढोल–नगाड़ों, भक्ति संगीत, वैदिक मंत्रोच्चार और जयघोषों के साथ आगे बढ़ती यह यात्रा श्रद्धा, आस्था और दिव्य चेतना का अनुपम दृश्य प्रस्तुत कर रही थी।पूरे मार्ग में गायत्री महामंत्र की गूंज से वातावरण आलोकित हो उठा। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो आध्यात्मिक ऊर्जा की दिव्य धारा बह रही हो। यह यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि नारी शक्ति की साधना, संस्कृति के जागरण और आध्यात्मिक चेतना के महासंगम का सजीव स्वरूप थी। कलश यात्रा को देखने वाले श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। हर कोई इस अलौकिक दृश्य को निहारता ही रह गया। ऐसा प्रतीत हुआ मानो धरती पर देवत्व उतर आया हो और ग्वारीघाट स्वयं एक तपोभूमि में परिवर्तित हो गया हो।आयोजकों ने बताया कि यह ऐतिहासिक कलश यात्रा विराट गायत्री महायज्ञ की दिव्य भूमिका है, जिसका उद्देश्य समाज में सद्बुद्धि, सद्भाव, शांति, नैतिकता और मानवीय मूल्यों के नवजागरण का संदेश देना है। महायज्ञ के माध्यम से जनमानस को आध्यात्मिक चेतना से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।कार्यक्रम के समापन पर परम पूज्य गुरुदेव एवं वंदनीया माताजी तथा गायत्री माता से सभी के जीवन को प्रकाशमय, सद्गुणों से युक्त और मंगलमय बनाने की प्रार्थना की गई।

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