निवाड़ी के 27 स्कूलों में गुणवत्ताहीन शौचालय निर्माण
मध्य प्रदेश की गजब कहानी। मध्य प्रदेश के सबसे छोटे जिले निवाड़ी में स्कूलों में बने शौचालयों की गुणवत्ता को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। करीब आठ महीने पंद्रह दिन चली जांच के बाद जांच दल ने माना है कि 27 प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में बने शौचालयों के निर्माण में भारी लापरवाही और गुणवत्ताहीन कार्य किया गया है। कई शौचालयों पर जांच दल ने सवाल खड़े किए हैं। वहीं जिला पंचायत सीईओ ने लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर नोटिस जारी करने, रिकवरी और अनुशासनात्मक कार्रवाई की बात कही है।दरअसल निवाड़ी जिले के 27 प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में सर्वसुविधायुक्त शौचालयों का निर्माण कराया गया था। इन शौचालयों के निर्माण पर कुल 84 लाख 30 हजार रुपये खर्च किए गए। माध्यमिक विद्यालय में बने एक शौचालय की लागत 2 लाख 93 हजार रुपये, जबकि प्राथमिक विद्यालय में बने एक शौचालय की लागत 2 लाख 73 हजार रुपये बताई गई है।जांच में सामने आया है कि इतने बड़े बजट के बावजूद शौचालयों के निर्माण में भारी अनियमितताएं की गईं और कार्य पूरी तरह गुणवत्ताहीन रहा। कई निर्माण कार्यों पर जांच टीम ने स्पष्ट रूप से प्रश्नचिन्ह लगाए हैं। जांच से पहले ही विभाग के सब इंजीनियर द्वारा भी कार्य को गुणवत्ताहीन स्वीकार किया जा चुका था।मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पंचायत सीईओ द्वारा 4 अप्रैल 2025 को चार सदस्यीय जांच दल का गठन किया गया था। जांच दल ने करीब आठ माह पंद्रह दिन तक शौचालयों के निर्माण कार्यों की जांच की और अपनी रिपोर्ट जिला पंचायत सीईओ को सौंपी। रिपोर्ट में अधिकांश निर्माण कार्यों को गुणवत्ताहीन बताया गया है।इस मामले पर जिला पंचायत सीईओ रोहन सक्सेना ने कहा कि शौचालय निर्माण में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। साथ ही संबंधित लोगों से रिकवरी की जाएगी और आवश्यकतानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।

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