दमोह। यूजीसी कानून के विरोध में सोमवार को दमोह पूरी तरह बंद रहा। देशभर में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के क्रम में दमोह में भी विभिन्न समाजों के लोग एकजुट होकर सड़कों पर उतरे और केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने बाइक रैली निकालकर आमजन से अपने प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील की, जिसका व्यापक असर देखने को मिला। शहर के अधिकांश बाजार पूरी तरह बंद नजर आए।प्रदर्शन के बाद बड़ी संख्या में लोग कलेक्ट्रेट पहुँचे, जहाँ उन्होंने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपते हुए यूजीसी कानून को वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह कानून समाज के एक वर्ग के साथ अन्यायपूर्ण है और इससे व्यापक असंतोष फैल रहा है।

केंद्र सरकार से कानून वापस लेने की मांग

स्वर्ण समाज के लोगों ने केंद्र सरकार से यूजीसी कानून को शीघ्र वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस कानून में उनकी बातों को नजरअंदाज किया गया है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि जब आतंकवाद जैसे गंभीर मामलों में भी सुनवाई का अवसर दिया जाता है, तो इस कानून के तहत प्रभावित समाज की बात क्यों नहीं सुनी जा रही है।प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस कानून को वापस नहीं लिया, तो आने वाले समय में देशभर में इसी तरह आंदोलन और तेज किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जब तक कानून वापस नहीं होता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।

शहर में रही कड़ी पुलिस व्यवस्था

दमोह बंद को देखते हुए शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। सभी प्रमुख चौराहों और संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क दिखाई दिया, जिससे किसी भी तरह की अप्रिय घटना न हो। अधिकारियों के अनुसार बंद पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।प्रशासन ने स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी और आमजन से शांति बनाए रखने की अपील की।