जबलपुर: संस्कारधानी जबलपुर ने रविवार को ग्वारीघाट स्थित गीता धाम मैदान में आयोजित 251 कुंडीय शक्ति संवर्धन गायत्री महायज्ञ के माध्यम से आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत अनुभव कराया। अखिल विश्व गायत्री परिवार और गायत्री शक्तिपीठ मनमोहन नगर के तत्वावधान में आयोजित इस महायज्ञ में हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।प्रातः से दोपहर 3 बजे तक मंत्रोच्चार, यज्ञीय आहुतियां और वैदिक ऋचाओं से पूरा क्षेत्र गायत्रीमय हो गया। बच्चों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठजनों की समान सहभागिता ने यह संदेश दिया कि गायत्री यज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि व्यक्ति, परिवार और समाज के नैतिक और आध्यात्मिक नव निर्माण का सशक्त माध्यम है।महायज्ञ के दौरान पुंसवन, नामकरण, अन्नप्राशन, विद्यारंभ और दीक्षा जैसे संस्कार कराए गए, जिससे बच्चों और परिवारों में अनुशासन, सदाचार और नैतिक मूल्यों की प्रेरणा मिली। यज्ञस्थल पर प्रदर्शनी और सप्तक्रांति प्रदर्शनियां सामाजिक चेतना को जागृत करने वाली रही।संध्या में आयोजित 11 हजार दीप महायज्ञ ने परिसर को अद्भुत आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया और उपस्थित श्रद्धालुओं ने समाज से अंधकार, व्यसन और अनैतिकता दूर करने का सामूहिक संकल्प लिया।हरिद्वार से आए श्याम बिहारी दुबे ने शराब विरोधी आंदोलन का आह्वान किया और कहा कि नशा और हिंसा मुक्त समाज ही सशक्त भारत का निर्माण कर सकता है। नरसिंह दास जी महाराज ने कहा कि “हम सुधरेंगे, जग सुधरेगा” केवल नारा नहीं, बल्कि जीवन जीने की प्रेरक पद्धति है।महायज्ञ में सांसद आशीष सिंह, विधायक अभिलाष पांडे, विधायक नीरज सिंह, समाजसेवी लेखराज सिंह, श्रीमती माला सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि, संतगण और बुद्धिजीवी उपस्थित रहे। उन्होंने आयोजन को समाज में सकारात्मक दिशा देने वाला बताते हुए गायत्री परिवार के प्रयासों की सराहना की।251 कुंडीय गायत्री महायज्ञ ने यह सिद्ध किया कि अध्यात्म केवल पूजा तक सीमित नहीं, बल्कि समाज सुधार, नशामुक्ति, नैतिक जागरण और राष्ट्र निर्माण का प्रभावी माध्यम है।