सनावद।
सनावद में साइबर अपराध का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां पॉलिटेक्निक कॉलेज से सेवानिवृत्त मैकेनिकल विभाग के पूर्व इंचार्ज प्रोफेसर शशिकांत कुलकर्णी को ठगों ने डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर 10 लाख रुपये की ठगी का शिकार बना लिया।पीड़ित प्रोफेसर कुलकर्णी ने बताया कि 10 और 11 जनवरी को उन्हें व्हाट्सएप के माध्यम से एक व्यक्ति का कॉल आया, जिसने अपना नाम अमर सिंह बताया। कॉल करने वाले ने खुद को अधिकारी बताते हुए कहा कि दिल्ली में कुछ आतंकवादी पकड़े गए हैं और उनके खातों से करीब 7 करोड़ रुपये कुलकर्णी के बैंक खाते में ट्रांसफर हुए हैं। इसी आधार पर उन्हें इस मामले में आरोपी बताया गया और पूछताछ के लिए पहले दिल्ली बुलाया गया।जब फरियादी ने बुजुर्ग होने के कारण दिल्ली आने में असमर्थता जताई, तो आरोपी ने मामले के “निराकरण” के नाम पर दबाव बनाते हुए दूसरे खाते में 10 लाख रुपये RTGS करने को कहा। घबराए प्रोफेसर कुलकर्णी ने 11 जनवरी को बताए गए खाते में 10 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।इसके बाद भी आरोपी लगातार फोन कर खाते को फ्रिज न करने के बदले और पैसों की मांग करता रहा। संदेह होने पर प्रोफेसर कुलकर्णी ने साइबर सेल और संबंधित विभागों से संपर्क कर वस्तुस्थिति की जानकारी ली, जहां से स्पष्ट हुआ कि उनके नाम से कोई भी आपराधिक मामला दर्ज नहीं है, न ही दिल्ली पुलिस द्वारा इस तरह की कोई कार्रवाई की गई है।इसके बाद पीड़ित ने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोपी को जल्द पकड़ने की मांग की है। कुलकर्णी ने बताया कि उन्होंने जानबूझकर आरोपी का नंबर अभी ब्लॉक नहीं किया है, ताकि साइबर सेल की कार्रवाई में मदद मिल सके और आरोपी को ट्रेस किया जा सके।उन्होंने आम नागरिकों से अपील की है कि डिजिटल अरेस्ट, फर्जी कॉल, या डर दिखाकर पैसे मांगने वाले किसी भी कॉल से सावधान रहें और ऐसी स्थिति में तुरंत पुलिस या साइबर सेल से संपर्क करें।