खरगोन, जिला खरगोन (मध्य प्रदेश)।
खरगोन जिले में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं और उनमें हो रही जनहानि को रोकने के उद्देश्य से पुलिस विभाग द्वारा सघन प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक डॉ. विरेंद्र वर्मा के मार्गदर्शन में सोमवार को डीआरपी लाइन खरगोन में यातायात सुरक्षा जागरूकता प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।इस कार्यशाला का आयोजन शहर पुलिस एवं यातायात पुलिस द्वारा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बिट्टू सिंह सहगल एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती शकुंतला रुहल के नेतृत्व में किया गया। कार्यशाला में जिले के समस्त थानों से करीब 80 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी तथा लगभग 100 स्कूली एनसीसी छात्र-छात्राएं शामिल हुए।कार्यशाला के दौरान जिले में घटित हो रही सड़क दुर्घटनाओं, उनके प्रमुख कारणों एवं दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु दर पर विस्तार से चर्चा की गई। पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने थाना क्षेत्रों में नियमित रूप से यातायात जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करें और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में प्रतिदिन प्रभावी कार्रवाई कर सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए ठोस कदम उठाएं।प्रशिक्षण सत्र में मुख्य प्रशिक्षक प्रफुल्ल जोशी ने सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों जैसे तेज रफ्तार, नशे में वाहन चलाना, यातायात नियमों की अनदेखी और सुरक्षा उपकरणों का उपयोग न करने पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने इन कारणों से बचाव के उपायों पर भी प्रकाश डाला।कार्यशाला में उपस्थित स्कूली छात्र-छात्राओं को वाहन चलाते समय हेलमेट और सीट बेल्ट जैसे सुरक्षा उपकरणों के अनिवार्य उपयोग, यातायात संकेतों का पालन, सड़क नियमों की सही जानकारी और सुरक्षित व्यवहार अपनाने के प्रति जागरूक किया गया। प्रशिक्षक ने कहा कि यदि युवा वर्ग यातायात नियमों को गंभीरता से अपनाए, तो सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार की कार्यशालाओं का उद्देश्य आमजन, विशेषकर युवाओं को यातायात सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है, ताकि सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सके और लोगों की जान सुरक्षित रह सके।