खाचरौद/नागदा जं.।
जनहित, यात्रियों की सुरक्षा और आगामी सिंहस्थ महापर्व को ध्यान में रखते हुए उज्जैन-जावरा सड़क को फोरलेन/चौड़ीकरण करने तथा मुख्यमंत्री द्वारा घोषित रतलाम-खाचरौद फोरलेन सड़क को खाचरौद होते हुए नागदा तक विस्तारित किए जाने की मांग तेज हो गई है। इस संबंध में पूर्व विधायक दिलीपसिंह गुर्जर के नेतृत्व में खाचरौद कांग्रेसजनों ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी नेहा साहु (खाचरौद) के माध्यम से भेजा गया।ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि उज्जैन-जावरा बीओटी सड़क का निर्माण भारतीय सड़क कांग्रेस (IRC) के मानकों के अनुरूप नहीं किया गया है। मार्ग पर आज भी कई खतरनाक ब्लैक स्पॉट मौजूद हैं। लगातार बढ़ते यातायात दबाव के कारण इस मार्ग पर दुर्घटनाओं की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है, जो गंभीर चिंता का विषय है।पूर्व विधायक दिलीपसिंह गुर्जर ने कहा कि हाल ही में मुख्यमंत्री द्वारा रतलाम प्रवास के दौरान रतलाम-खाचरौद एवं उन्हेल-इंगोरिया मार्ग को फोरलेन बनाने की घोषणा की गई, लेकिन खाचरौद से नागदा तक 14 किलोमीटर के मार्ग को इससे वंचित रखा गया, जो जनहित में अनुचित है। यदि इस मार्ग को नागदा तक फोरलेन स्वीकृति दी जाती है तो रतलाम, दाहोद, झाबुआ, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली सहित देश के विभिन्न राज्यों से उज्जैन आने-जाने वाले यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी।

11 वर्षों में 2000 से अधिक हादसे, करीब 600 मौतें

नगर पालिका अध्यक्ष गोविन्द भरावा ने आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि वर्ष 2015 से जुलाई 2025 के बीच उज्जैन-जावरा टू-लेन मार्ग पर 2063 सड़क दुर्घटनाएँ दर्ज की गईं। इनमें 572 नागरिकों की मौत हुई और 2516 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए। वर्तमान में मृतकों की संख्या बढ़कर लगभग 600 के पार पहुंच चुकी है, जो इस मार्ग की भयावह स्थिति को दर्शाता है।

सिंहस्थ को लेकर अन्य मार्ग फोरलेन, उज्जैन-जावरा अब भी उपेक्षित

जनपद अध्यक्ष पृथ्वीराजसिंह पंवार ने बताया कि सिंहस्थ महापर्व को ध्यान में रखते हुए उज्जैन से जुड़ने वाले लगभग सभी प्रमुख संपर्क मार्गों को फोरलेन परियोजनाओं में शामिल कर लिया गया है और कई स्थानों पर निर्माण कार्य भी शुरू हो चुका है। इसके बावजूद अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील उज्जैन-जावरा मार्ग को अब तक फोरलेन या चौड़ीकरण योजना में शामिल नहीं किया गया है।

कई राज्यों से गुजरता है भारी यातायात

पीसीसी सदस्य अनोखीलाल सोलंकी ने कहा कि खाचरौद मार्ग से होकर रतलाम, दाहोद, झाबुआ, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं यात्री चारपहिया वाहनों से नागदा होते हुए उज्जैन पहुंचते हैं। इससे पूरे वर्ष मार्ग पर अत्यधिक यातायात दबाव बना रहता है और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।

रतलाम-खाचरौद फोरलेन को नागदा तक बढ़ाने की मांग

कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री द्वारा रतलाम-खाचरौद फोरलेन की घोषणा का स्वागत करते हुए मांग की कि इसे खाचरौद से आगे नागदा तक विस्तारित किया जाए। नागदा एक प्रमुख औद्योगिक नगर होने के साथ-साथ रेलवे जंक्शन भी है। यहां से बड़ी संख्या में लोग सामाजिक, धार्मिक और प्रशासनिक कार्यों के लिए उज्जैन आवागमन करते हैं। ऐसे में नागदा तक फोरलेन सड़क विस्तार क्षेत्रीय विकास के लिए आवश्यक है।

डीपीआर में नागदा को शामिल करने की मांग

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि रतलाम-खाचरौद फोरलेन मार्ग की डीपीआर अब तक तैयार नहीं हुई है। मांग की गई कि डीपीआर बनाते समय इसे नागदा तक शामिल किया जाए, ताकि भविष्य में पुनः संशोधन की आवश्यकता न पड़े।

आगामी बजट में वित्तीय स्वीकृति की मांग

मुख्यमंत्री से आग्रह किया गया कि उज्जैन-जावरा रोड को फोरलेन/चौड़ीकरण करने के लिए आगामी मुख्य बजट में आवश्यक वित्तीय स्वीकृति दी जाए तथा रतलाम-खाचरौद-नागदा फोरलेन के लिए बजट प्रावधान किया जाए, जिससे क्षेत्र का समग्र विकास हो और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। ज्ञापन का वाचन पीसीसी सदस्य अनोखीलाल सोलंकी ने किया।

यह रहे मौजूद

ज्ञापन सौंपते समय वरिष्ठ अभिभाषक संतोष बरखेडावाला, चन्द्रप्रकाश चौरडिया, विजारत अली हाशमी, विकास शर्मा, शेरू मंसुरी, नपा उपाध्यक्ष दिनेश ठन्ना, पार्षद बाबूलाल नागर, राहुल मेहता, प्रकाश डाबी, लखन गोहर, संजय नन्देडा, जितेन्द्र पांचाल, शाहरूख खान, रईस मेव, अशफाक खान, रशीद खान, देवेन्द्रसिंह राठौड, रामेश्वर गुर्जर, मानसिंह गुर्जर, जीवन गुर्जर, चंपालाल चौधरी, नागेश्वर पाटीदार, शुभम परमार, निर्भयराम चन्द्रवंशी, निसार अंसारी, छोटू चौधरी, जयपालसिंह, मकसुद खान सहित अनेक कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।