मथुरा।
सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार में सोशल मीडिया की बढ़ती भूमिका को लेकर वृन्दावन स्थित ठा० श्री प्रियाकान्तजु मंदिर में भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में देशभर से आए उन सनातनी सोशल मीडिया इंफ्लुएंसरों को सम्मानित किया गया, जो डिजिटल माध्यम के जरिए धर्म, अध्यात्म, सामाजिक जागरूकता और राष्ट्रहित से जुड़े विषयों पर निरंतर सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।वृन्दावन के छटीकरा मार्ग स्थित प्रियाकान्तजु मंदिर परिसर में आयोजित इस समारोह में सनातन धर्म, अध्यात्म, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और सामाजिक विषयों पर कार्य कर रहे कुल 100 सोशल मीडिया इंफ्लुएंसरों को “भारतीय सनातनी इंफ्लुएंसर अवार्ड 2026” से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुरजी महाराज, अभिरामाचार्य, पंडित देवरथ महेश रेखे और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध रेसलर द ग्रेट खली सहित अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।कार्यक्रम की शुरुआत देश के शहीदों को नमन और वीर नारियों के सम्मान से हुई। मथुरा के शहीद हेमराज सिंह की वीरनारी धर्मवती और उनकी पुत्री, साथ ही शहीद बबलू सिंह की धर्मपत्नी रविता एवं उनके परिवार को मंच पर सम्मानित किया गया। सनातन न्यास फाउंडेशन की ओर से प्रत्येक वीरनारी को 51-51 हजार रुपये की आर्थिक सहायता का चेक प्रदान किया गया। इसके अलावा पहलगाम में हुए आतंकी हमले में शहीद कानपुर निवासी शुभम द्विवेदी की पत्नी ऐशन्या द्विवेदी को भी सम्मानित किया गया और आतंकवाद की कड़े शब्दों में निंदा की गई।सभा को संबोधित करते हुए देवकीनंदन ठाकुरजी महाराज ने कहा कि देश की सुरक्षा हमारे वीर सैनिकों के पराक्रम और बलिदान से ही संभव है। उन्होंने एक बार फिर सनातन बोर्ड के गठन की मांग दोहराते हुए हिंदू समाज से संगठित और एकजुट होने का आह्वान किया। वहीं द ग्रेट खली ने युवाओं से सोशल मीडिया का सकारात्मक उपयोग करने, नकारात्मकता से दूर रहने और सनातन संस्कृति के मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने की अपील की।कार्यक्रम के दौरान पंडित देवरथ महेश रेखे, अयोध्या के युवा कलाकार लव-कुश और गायक आर्यन बाबू की प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं और अतिथियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर पार्थ गौतम, मयंक कुशवाह, एस्ट्रो अरुण पंडित, पंकज जोशी, दिव्या उपाध्याय सहित अनेक सनातनी सोशल मीडिया इंफ्लुएंसरों को सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को सकारात्मक सोच के साथ सनातन संस्कृति से जोड़ना और सोशल मीडिया को राष्ट्र व समाज निर्माण का प्रभावी माध्यम बनाना रहा। आयोजन के सफल संचालन से मंदिर परिसर में भक्ति, राष्ट्रभक्ति और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला।