कसरावद तहसील के ग्राम गवला में चल रही सायंकालीन प्रज्ञा पुराण कथा के चौथे दिन गुरुवार को कथावाचक रामलाल पटेल ने बताया कि गायत्री मंत्र को जपने वाला आत्मबल संपन्न होता है। गायत्री मंत्र  का जप करने से व्यक्ति की कीर्ति बढ़ती है। गायत्री मंत्र बुद्धि को निर्मल, पवित्र और उत्कृष्ट बनाने वाला महामंत्र है। इसलिए  नित्य कुछ मंत्र गायत्री के जरूर जप करना  चाहिए क्योंकि वह साधक की प्रत्यक्ष कामधेनु है, कल्पवृक्ष है, महाप्रज्ञा है।  पटेल ने बताया कि सारे ऋषि मुनियों, देवताओं और महापुरुषों ने भी गायत्री का जप करके दुर्लभ सिद्धियां प्राप्त कीं है । स्वयं भगवान राम ने गायत्री की उपासना करके बला और अबला नामक सिद्धियां प्राप्त की थी। भगवान श्रीकृष्ण के अनुसार छंदों में मैं स्वयं गायत्री हूं। गायत्री के जप का ही प्रभाव था ।जिसके बल पर सावित्री यमराज से अपने पति के प्राण बचाने में सफल हुई थी।