मथुरा जनपद के कोसीकला क्षेत्र में शनिवार तड़के हुई एक घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। ब्रज क्षेत्र के चर्चित गौरक्षक चंद्रशेखर उर्फ फरसा वाले बाबा की सड़क हादसे में मौत हो गई, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए और हाइवे जाम कर विरोध प्रदर्शन करने लगे।

क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार यह घटना 21 और 22 मार्च की दरम्यानी रात करीब 4 बजे की है। हरियाणा सीमा के पास कोसी थाना क्षेत्र में एक वाहन में गोवंश ले जाए जाने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही फरसा वाले बाबा अपने शिष्यों के साथ मौके पर पहुंचे और नागालैंड नंबर के एक कंटेनर को रोककर उसकी जांच करने लगे।

जांच के दौरान कंटेनर में साबुन, फिनाइल और शैम्पू जैसे सामान भरे हुए मिले, जिससे गोवंश ले जाए जाने की आशंका गलत साबित हुई।

कैसे हुआ हादसा?
इसी दौरान घने कोहरे के कारण पीछे से आ रहा राजस्थान नंबर का एक ट्रक, जिसमें तार लदा हुआ था, सामने खड़े वाहनों से टकरा गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि फरसा वाले बाबा गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। इस हादसे में ट्रक चालक भी घायल हुआ और वाहन क्षतिग्रस्त हो गया।

घटना के बाद बवाल
हादसे की खबर फैलते ही आसपास के गांवों से लोग और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। कुछ लोगों ने इसे साजिश बताते हुए हाइवे पर जाम लगा दिया और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। इस दौरान पथराव की घटनाएं भी सामने आईं, जिससे हालात कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गए।

पुलिस की कार्रवाई
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। हाइवे से जाम हटाने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। हालात काबू में लाने के लिए हल्का बल प्रयोग भी किया गया।श्लोक कुमार ने बताया कि कुछ भ्रामक सूचनाओं के कारण लोगों में आक्रोश फैल गया था। फिलहाल पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। हादसे और लगाए गए सभी आरोपों के हर पहलू की जांच कर सच्चाई सामने लाई जाएगी।