खरगोन। जिले में संचालित साझा चूल्हा योजना के तहत आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को परोसा जाने वाला भोजन और नाश्ता अब बंद होने की स्थिति में पहुंच गया है। योजना से जुड़े स्व-सहायता समूहों को सितंबर माह से भुगतान नहीं मिलने के कारण समूहों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। नाश्ता उपलब्ध कराने वाले समूहों ने बकाया राशि जारी कराने की मांग को लेकर विरोध के स्वर तेज कर दिए हैं।

सोमवार को प्रांतीय महिला स्व-सहायता समूह के बैनर तले बड़ी संख्या में महिलाओं ने जिला कलेक्टर के नाम शिकायती पत्र सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से समूह ने सितंबर माह से रुकी हुई राशि तत्काल जारी करने की मांग की है। महिलाओं का कहना है कि लंबे समय से भुगतान न होने के कारण समूह आर्थिक संकट में हैं और कच्चा माल खरीदने तक की स्थिति नहीं बची है।

इस दौरान समूह के प्रतिनिधि पन्ना लाल ने कहा कि,
“हम कई महीनों से आंगनवाड़ी केंद्रों में नियमित रूप से नाश्ता और भोजन उपलब्ध करा रहे हैं, लेकिन सितंबर से अब तक एक भी भुगतान नहीं हुआ। ऐसे में समूह कैसे काम करे, यह समझ से बाहर है।”

वहीं महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य सारिका पटेल ने कहा कि,
“भुगतान न मिलने से महिलाओं की आजीविका प्रभावित हो रही है। बच्चों के पोषण से जुड़ी योजना को समय पर भुगतान न मिलना बेहद चिंताजनक है। अगर जल्द राशि जारी नहीं हुई तो आंदोलन के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा।”स्व-सहायता समूह ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि दो दिनों के भीतर बकाया राशि जारी नहीं की गई, तो वे धरना-प्रदर्शन और उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। समूह का कहना है कि भुगतान में देरी से न केवल उनकी रोज़ी-रोटी पर असर पड़ रहा है, बल्कि आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को मिलने वाला पोषण भी खतरे में है।फिलहाल प्रशासन द्वारा ज्ञापन प्राप्त कर मामले को संज्ञान में लेने और शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। अब स्व-सहायता समूह प्रशासन की अगली कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।