उज्जैन जिले की खाचरोद तहसील की उप-जेल से 25 दिसंबर को शाम करीब 5:30 बजे तीन कैदी फरार हो गए थे। इनमें से सभी आरोपी हत्या और दुष्कृत्य के मामले में बंदी थे। घटना के बाद से उनकी तलाश जारी है और अभी तक उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जा सका है।शुक्रवार को मध्य प्रदेश जेल डीजी वरुण कपूर खाचरोद जेल पहुंचे और घटनाक्रम की पड़ताल की। उन्होंने जेल सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के साथ कैदियों के फरार होने के कारणों का अध्ययन किया। इस दौरान उन्होंने खाचरोद जेल प्रभारी नवीन नीमा, नीमच जेल के सहायक अधीक्षक मनोज कुमार चौरसिया, और जेल प्रहरी रितेश कटारिया को निलंबित कर दिया। डीजी ने बताया कि मनोज कुमार उस समय जेल में उपस्थित नहीं थे, जबकि उन्हें तत्काल प्रतिक्रिया देनी थी।डीजी वरुण कपूर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जेल में सुरक्षा के इंतजामों को पुख्ता किया जाएगा और ऐसा कोई भी सामान जो कैदियों के भागने में मददगार हो सकता है, उसे जेल परिसर से हटाया जाएगा। यह कदम केवल खाचरोद जेल तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि पूरे मध्य प्रदेश की जेलों में सर्वे और सुधार कार्य लागू किए जाएंगे।जानकारी के अनुसार, तीनों कैदी महिला बेरक की दीवार खुदाई करके फरार हुए। जेल में पुताई का काम चल रहा था, जिससे उन्होंने फायदा उठाकर भागने का मौका पाया। इससे पहले भी कुछ माह पहले खाचरोद उप-जेल से एक लूट का आरोपी फरार हो चुका था, तब भी 6 अधिकारियों पर कार्रवाई हुई थी।