मथुरा (राया)।
समाज में फैली दहेज प्रथा को समाप्त करने और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सहयोग देने के उद्देश्य से राया जन कल्याण समिति द्वारा शुक्रवार को तृतीय सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया। बसंत पंचमी के पावन अवसर पर कस्बा राया स्थित राधा गोपालबाग मैदान में यह कार्यक्रम श्रद्धा, उल्लास और सामाजिक सौहार्द के साथ संपन्न हुआ, जिसमें 14 जोड़ों का विधि-विधान से विवाह कराया गया।सामूहिक विवाह समारोह में दूर-दराज से आए वर-वधू पक्ष के परिजन, रिश्तेदारों के साथ-साथ क्षेत्र के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार सभी जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया। विवाह के दौरान पूरे परिसर में मंगल गीतों, शहनाई की धुन और आशीर्वाद का माहौल बना रहा।राया जन कल्याण समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि समिति का मुख्य उद्देश्य दहेज जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से समाप्त करना और ऐसे माता-पिता की मदद करना है, जो आर्थिक मजबूरियों के चलते अपने बच्चों का विवाह नहीं कर पाते। इसी भावना के साथ समिति पिछले कई वर्षों से सामूहिक विवाह का आयोजन करती आ रही है।समिति की ओर से सभी नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थी का आवश्यक सामान भी भेंट किया गया, ताकि वे अपने वैवाहिक जीवन की अच्छी शुरुआत कर सकें। उपहार में बर्तन, कपड़े, बिस्तर सहित अन्य आवश्यक घरेलू सामग्री शामिल रही।समिति के संरक्षक डॉ. शक्तिपाल शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि पहले वर्ष समिति द्वारा 6 जोड़ों का सामूहिक विवाह कराया गया था, दूसरे वर्ष यह संख्या बढ़कर 11 हो गई और इस वर्ष तीसरे आयोजन में 14 जोड़ों का विवाह सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। उन्होंने कहा कि समिति का संकल्प है कि आने वाले वर्षों में और अधिक जरूरतमंद परिवारों को इस सामाजिक पहल से जोड़ा जाएगा।कार्यक्रम के समापन पर समिति के पदाधिकारियों ने सभी सहयोगकर्ताओं, दानदाताओं और उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त किया तथा सभी नवदंपतियों के सुखी, स्वस्थ और सफल दांपत्य जीवन की कामना की। यह सामूहिक विवाह समारोह सामाजिक एकता, सहयोग और सेवा भावना का प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया।