नागदा (निप्र)।
उज्जैन–जावरा स्टेट हाईवे-17 पर बढ़ते यातायात दबाव एवं लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं से जनहानि को रोकने के उद्देश्य से पूर्व विधायक दिलीपसिंह शेखावत ने प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव के नाम ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) नागदा को सौंपा। ज्ञापन में हाईवे-17 को फोरलेन बनाए जाने की मांग की गई है।पूर्व विधायक शेखावत ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि उज्जैन–जावरा स्टेट हाईवे-17 केवल एक राज्य मार्ग नहीं, बल्कि गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। यह हाईवे दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेस-वे से भी जुड़ा हुआ है। इन राज्यों से आने वाले श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन हेतु इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। साथ ही नागदा जैसे महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्र के लिए भी यह मार्ग अत्यंत आवश्यक है।शेखावत ने बताया कि वर्तमान में यह हाईवे अत्यधिक दुर्घटनाओं के कारण धीरे-धीरे “मौत का रास्ता” बनता जा रहा है। लगभग प्रतिदिन इस मार्ग पर दुर्घटनाएं हो रही हैं। अब तक इस मार्ग पर 2100 से अधिक सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें 600 से अधिक लोगों की असमय मृत्यु हो चुकी है तथा 2600 से अधिक लोग घायल हुए हैं। यह स्थिति अत्यंत दुखद एवं चिंताजनक है। इन दुर्घटनाओं में कई परिवार उजड़ चुके हैं—कई माताओं ने अपने पुत्रों को, पत्नियों ने अपने पतियों को और बहनों ने अपने भाइयों को खोया है। यह क्षति केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पूरे समाज की क्षति है।उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में आवश्यकता है कि इस मार्ग पर अतिशीघ्र दुर्घटना संभावित स्थानों को चिन्हित कर स्पीड ब्रेकर लगाए जाएं तथा शीघ्र ही इस मार्ग को फोरलेन स्वीकृत किया जाए। जब तक फोरलेन का कार्य पूर्ण नहीं होता, तब तक मार्ग का चौड़ीकरण कर दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है, जिससे असमय होने वाली मौतों पर अंकुश लगाया जा सके।शेखावत ने आगामी सिंहस्थ महापर्व को दृष्टिगत रखते हुए भी इस मार्ग के फोरलेन निर्माण की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि नागदा रेलवे का एक बड़ा जंक्शन है, जहां दिल्ली–मुंबई मार्ग से आने वाले यात्री इसी सड़क मार्ग से उज्जैन एवं आसपास के शहरों में जाते हैं। इसके अलावा नागदा एक औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण भारी वाहनों और ट्रकों का आवागमन भी इस मार्ग पर अत्यधिक रहता है।पूर्व विधायक दिलीपसिंह शेखावत ने माननीय मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव एवं लोकनिर्माण मंत्री से विनम्र निवेदन किया कि जनहित को सर्वोपरि रखते हुए शीघ्र निर्णय लेकर उज्जैन–जावरा स्टेट हाईवे-17 को फोरलेन बनाने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाए, ताकि जनहानि को रोका जा सके और नागरिकों को सुरक्षित आवागमन का मार्ग मिल सके।