मथुराकश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में शहीद हुए शुभम की पत्नी ऐशान्या का दर्द शनिवार को वृंदावन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान छलक पड़ा। मंच से बोलते हुए ऐशान्या भावुक हो गईं। आंखों में आंसू और आवाज में गहरी पीड़ा साफ झलक रही थी। उन्होंने कहा कि यह हमला केवल उनके परिवार का नहीं, बल्कि पूरे देश का दर्द है।ऐशान्या ने कश्मीर की मौजूदा स्थिति पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, “अगर कश्मीर में हिंदू बहुमत में होते, तो शायद उन 26 निर्दोष लोगों की जान नहीं जाती। मेरे पति को अपनी जान नहीं गंवानी पड़ती।” उनके इस बयान ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को झकझोर कर रख दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं देश की सुरक्षा व्यवस्था और सामाजिक ताने-बाने पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ऐशान्या ने समाज को एकजुट रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते समाज ने आंखें नहीं खोलीं और बंटवारे की राजनीति को नजरअंदाज किया गया, तो हालात और भी भयावह हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर नागरिक को इसके लिए सजग और जिम्मेदार बनना होगा।वृंदावन में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, स्थानीय लोग और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने शहीद शुभम को श्रद्धांजलि अर्पित की औरउनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। कई लोगों ने ऐशान्या के साहस और हिम्मत की सराहना की, जिन्होंने अपने निजी दुख के बीच देश और समाज की बात रखी।कार्यक्रम के अंत में शहीदों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखा गया। उपस्थित लोगों ने देश की एकता, अखंडता और शांति बनाए रखने का संकल्प लिया। ऐशान्या ने कहा कि उनके पति की शहादत व्यर्थ नहीं जानी चाहिए और देश को मजबूत व सुरक्षित बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।