मथुरा। मथुरा जनपद के थाना गोवर्धन क्षेत्र से साइबर अपराध के खिलाफ एक सकारात्मक और प्रेरणादायक पहल सामने आई है। गोवर्धन थाना क्षेत्र का दौलतपुर गांव, जो कभी साइबर ठगी का गढ़ माना जाता था, अब बदलाव और सुधार की मिसाल बनता नजर आ रहा है। गांव के ग्रामीणों और एक विशेष सुधार समिति की सक्रिय भूमिका से साइबर अपराध में इस्तेमाल हो रहे 64 मोबाइल फोन बरामद कर पुलिस को सौंपे गए हैं।यह कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है, जब गोवर्धन पुलिस साइबर अपराध के खिलाफ लगातार सख्त अभियान चला रही है। उल्लेखनीय है कि यही दौलतपुर गांव कुछ समय पहले तक पुलिस के प्रवेश पर पथराव जैसी घटनाओं के लिए कुख्यात था, लेकिन अब गांव की सोच और माहौल में बड़ा परिवर्तन देखने को मिल रहा है।पुलिस और प्रशासन द्वारा लंबे समय से गांव में साइबर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा था। इसी क्रम में गांव के जिम्मेदार और सम्मानित लोगों को साथ लेकर एक सुधार समिति का गठन किया गया। समिति का उद्देश्य युवाओं को साइबर ठगी जैसे अपराधों से दूर कर उन्हें ईमानदारी और मेहनत का रास्ता दिखाना है। समिति के सदस्य लगातार घर-घर जाकर युवाओं और उनके परिजनों से संवाद कर रहे हैं।पुलिस के दबाव और समिति की सक्रियता के चलते साइबर अपराध से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया। इसी दौरान समिति के सदस्यों ने ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे 64 महंगे स्मार्टफोन एकत्र कर थाना गोवर्धन पुलिस को सौंप दिए।थाना प्रभारी भगवत सिंह ने ग्रामीणों और सुधार समिति की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि पुलिस भविष्य में भी ऐसे सामाजिक प्रयासों को पूरा सहयोग देती रहेगी।ग्रामीणों की इस पहल से यह साफ हो गया है कि जब समाज और पुलिस मिलकर काम करते हैं, तो साइबर अपराध जैसी गंभीर समस्या पर भी प्रभावी नियंत्रण संभव है।