पारिवारिक विश्वास को तोड़ने वाले अपराध पर अदालत का सख्त फैसला
मथुरा।
जनपद मथुरा के थाना नौहझील क्षेत्र से जुड़े एक गंभीर और संवेदनशील मामले में न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे-2) बृजेश कुमार की अदालत ने पारिवारिक रिश्तों की मर्यादा को तार-तार करने के अपराध में दोष सिद्ध होने पर आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही न्यायालय ने आरोपी पर 55 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है।अभियोजन पक्ष के अनुसार यह घटना 21 जुलाई 2020 की दोपहर की है। थाना नौहझील क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली पीड़िता उस समय घर पर अकेली थी, जबकि उसकी मां घरेलू सामान खरीदने बाजार गई हुई थी। इसी दौरान घर में मौजूद वृद्ध परिजन ने अपने रिश्ते और विश्वास का दुरुपयोग करते हुए गंभीर अपराध को अंजाम दिया। घटना के बाद आरोपी ने पीड़िता को धमकाते हुए किसी को कुछ न बताने की चेतावनी दी, जिससे वह मानसिक दबाव में आ गई।डर और सामाजिक संकोच के चलते पीड़िता कुछ समय तक चुप रही, लेकिन बाद में उसने साहस दिखाते हुए पूरी घटना अपनी मां को बता दी। मां ने तत्काल थाना नौहझील पहुंचकर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।विवेचना पूर्ण होने के बाद पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने चिकित्सकीय साक्ष्य, पीड़िता के बयान और अन्य गवाहों के माध्यम से आरोपों को प्रमाणित किया। अदालत ने सभी साक्ष्यों को आरोपी के खिलाफ मजबूत पाया।समस्त तथ्यों और प्रमाणों का गहन परीक्षण करने के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए यह स्पष्ट संदेश दिया कि कानून के सामने न तो उम्र कोई ढाल है और न ही पारिवारिक संबंध। अदालत का यह फैसला समाज में न्याय और सुरक्षा की दिशा में एक अहम और सशक्त कदम माना जा रहा है।

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