ब्रज की सांस्कृतिक विरासत के सशक्त संवाहक बने डॉ. दिनेश शर्मा
मथुरा ब्रजभूमि की अनमोल कला, संस्कृति और परंपराओं को नई पहचान दिलाने वाले डॉ. दिनेश शर्मा आज ब्रज क्षेत्र ही नहीं, बल्कि देश-विदेश में मथुरा की सांस्कृतिक पहचान के गौरवपूर्ण प्रतिनिधि के रूप में स्थापित हो चुके हैं। वर्षों से वे ब्रज की उन लोककलाओं, लोकपरंपराओं और सांस्कृतिक विधाओं के संरक्षण एवं संवर्धन में जुटे हैं, जो समय के साथ धीरे-धीरे लुप्तप्राय हो रही थीं। उनके सतत प्रयासों ने ब्रज संस्कृति को समाज के केंद्र में पुनः स्थापित करने का कार्य किया है।डॉ. दिनेश शर्मा द्वारा किए जा रहे अतुलनीय सांस्कृतिक योगदान के चलते उन्हें निरंतर सम्मान और सराहना मिल रही है। इसी कड़ी में दाऊजी क्षेत्र के गांव कच्छ नोऊ की ग्राम पंचायत सरदारी ने उनका सम्मान करने के लिए एक गरिमामय समारोह आयोजित किया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों ने ब्रज संस्कृति के सच्चे सेवक डॉ. शर्मा का पूरे आदर और श्रद्धा के साथ अभिनंदन किया।समारोह में उन्हें माल्यार्पण किया गया और पारंपरिक साफा पहनाकर सिर पर चांदी का मुकुट धारण कराते हुए सम्मानित किया गया। यह दृश्य न केवल सम्मान का प्रतीक था, बल्कि ब्रज की जीवंत सांस्कृतिक परंपरा का साक्षात प्रमाण भी प्रस्तुत कर रहा था। उपस्थित जनसमुदाय ने एक स्वर में उनके कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि डॉ. दिनेश शर्मा ब्रज की खोती हुई सांस्कृतिक पहचान को पुनर्जीवित करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि डॉ. शर्मा के प्रयासों से ब्रज की लोकसंस्कृति, लोकनृत्य, लोकगीत और पारंपरिक आयोजनों को नया जीवन मिला है। वे आज ब्रज संस्कृति के दूत और संरक्षक बनकर मथुरा की सांस्कृतिक धरोहर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचा रहे हैं।उनका यह कार्य न केवल वर्तमान पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ रहा है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी ब्रज की अमूल्य सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित करने की दिशा में मजबूत आधार तैयार कर रहा है।

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