बरसाना में रोपवे ठप: दर्शन की डगर बनी चुनौती, श्रद्धालुओं में नाराज़गी
बरसाना (मथुरा)। श्रीधाम बरसाना में लाड़ली जी राधारानी के दर्शन को सुगम बनाने के उद्देश्य से संचालित रोपवे एक बार फिर श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का कारण बन गया है। रविवार से रोपवे को आगामी पांच दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। रोपवे प्रबंधन द्वारा इसे सालाना मेंटेनेंस बताया जा रहा है, लेकिन बिना पूर्व सूचना अचानक की गई इस बंदी से श्रद्धालुओं में भारी नाराज़गी देखी जा रही है।राधारानी मंदिर तक पहुँचने के लिए बनी ऊँची और खड़ी सीढ़ियाँ बुजुर्गों, दिव्यांगों, महिलाओं और बच्चों के लिए पहले से ही कठिन हैं। ऐसे में रोपवे उनके लिए बड़ी राहत का साधन था। रोपवे बंद होने के कारण दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं को मजबूरन सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ रही हैं या फिर डोली का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे अतिरिक्त खर्च के साथ-साथ शारीरिक परेशानी भी उठानी पड़ रही है।श्रद्धालुओं की सबसे बड़ी शिकायत यह है कि रोपवे बंद किए जाने को लेकर प्रबंधन द्वारा कोई पूर्व सार्वजनिक सूचना जारी नहीं की गई। न तो आधिकारिक वेबसाइट पर जानकारी दी गई और न ही यात्रा मार्ग या रोपवे काउंटर पर पहले से कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया। भारी सामान और छोटे बच्चों के साथ रोपवे काउंटर तक पहुँचे श्रद्धालु जब वहां चस्पा एक नोटिस देखते हैं, तो निराश होकर लौटने को मजबूर हो जाते हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि यदि उन्हें पहले से जानकारी होती, तो वे अपनी यात्रा की योजना उसी अनुसार बना सकते थे।यह पहला अवसर नहीं है जब बरसाना रोपवे बंद किया गया हो। संचालन के बाद से अब तक कई बार तकनीकी कारणों और मेंटेनेंस के नाम पर रोपवे को रोका जा चुका है। पूर्व में ट्रॉली के ब्रेक सिस्टम में खराबी जैसी घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं, जिससे इसकी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठते रहे हैं। बार-बार बंदी और तकनीकी खामियों के चलते श्रद्धालुओं के मन में रोपवे को लेकर असमंजस और असंतोष बना हुआ है।स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की अव्यवस्था से ब्रज क्षेत्र की धार्मिक और पर्यटन छवि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन और रोपवे प्रबंधन से मांग की है कि भविष्य में किसी भी प्रकार की बंदी या मेंटेनेंस से पहले व्यापक प्रचार-प्रसार और पूर्व सूचना दी जाए, ताकि श्रद्धालुओं को अनावश्यक परेशानी न हो और उनकी आस्था की यात्रा सहज और सुगम बनी रहे।

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