रीवा।
रीवा जिले के चाकघाट–सोहागी बॉर्डर पर शनिवार शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब कमांडो अरुण गौतम ‘शक्तिमान’ एक्शन मोड में नजर आए। जोगनिहाई टोल प्लाजा से जुड़े हालिया घटनाक्रमों के बाद अवैध वसूली की लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कमांडो अरुण गौतम अपनी टीम के साथ RTO चेक पॉइंट पर औचक निरीक्षण के लिए पहुंचे।जैसे ही कमांडो मौके पर पहुंचे, चेक पॉइंट पर ट्रक चालकों और राहगीरों से खुलेआम हो रही अवैध वसूली का खेल बेनकाब हो गया। यहां सरकारी अमले की आड़ में सक्रिय कुछ प्राइवेट और असामाजिक तत्व न सिर्फ ट्रक ड्राइवरों से जबरन पैसे वसूल रहे थे, बल्कि विरोध करने पर उनके साथ बदतमीजी और मारपीट तक कर रहे थे। कमांडो की मौजूदगी से इन कथित वसूली एजेंटों में अफरा-तफरी मच गई और कई मौके से भागते नजर आए।कमांडो अरुण गौतम ने चेक पॉइंट पर तैनात कर्मियों और वहां मौजूद संदिग्ध लोगों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि “मेरे रहते रीवा की धरती पर लूट का खेल नहीं चलेगा।” उन्होंने मौके पर मौजूद ट्रक चालकों से बातचीत कर उनकी समस्याएं भी सुनीं और आश्वासन दिया कि उन्हें अब किसी भी तरह की अवैध वसूली का सामना नहीं करना पड़ेगा।कमांडो अरुण गौतम ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस RTO चेक पोस्ट पर रोजाना 15 से 20 लाख रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है। उन्होंने इसे संगठित भ्रष्टाचार बताते हुए प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए। अरुण गौतम ने कहा कि जब प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव त्यौंथर विधानसभा के दौरे पर आए थे, उस समय यह चेक पोस्ट बंद कर दिया गया था। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर वसूली वैध है तो मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान चेक पोस्ट क्यों बंद किया गया। यह प्रशासन की मिलीभगत और भ्रष्टाचार का स्पष्ट प्रमाण है।इस कार्रवाई के बाद त्योंथर और आसपास के इलाकों में कमांडो अरुण गौतम की जमकर सराहना हो रही है। स्थानीय लोग उन्हें ‘त्यौंथर का शक्तिमान’ कहकर संबोधित कर रहे हैं। जनता का कहना है कि अरुण गौतम की मौके पर तुरंत पहुंचने की फुर्ती डायल 112 से भी तेज है और वे हर अन्याय के खिलाफ एक रक्षक की तरह खड़े नजर आते हैं।मौके पर मौजूद ट्रक ड्राइवरों और स्थानीय नागरिकों ने राहत की सांस लेते हुए कमांडो अरुण गौतम को इस साहसिक कदम के लिए बधाई दी। सोशल मीडिया पर भी इस पूरे घटनाक्रम के वीडियो और तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं। लोग मान रहे हैं कि ऐसे ही निडर और सख्त कदमों से भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई जा सकती है।