मथुरा। देश में मदरसों को लेकर एक बार फिर सियासी और धार्मिक बहस तेज हो गई है। अयोध्या की हनुमानगढ़ी से जुड़े बयान के बाद अब ब्रज भूमि से भी मदरसों पर कार्रवाई की मांग सामने आई है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर प्रकरण के मुख्य याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर देशभर के मदरसों की गहन जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।दिनेश फलाहारी महाराज ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि कुछ मदरसों में मौलाना मुस्लिम युवाओं को कट्टरपंथ की ओर ले जा रहे हैं, जिससे समाज और देश की सुरक्षा पर खतरा पैदा हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि मदरसों से पढ़े कुछ डॉक्टर और इंजीनियर आतंकी गतिविधियों में शामिल पाए गए हैं। उनका कहना है कि ऐसे मामलों को देखते हुए मदरसों की नियमित निगरानी और जांच बेहद जरूरी है।फलाहारी महाराज ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ मदरसों में हथियार छिपाए जाने और समाज विरोधी गतिविधियों के संचालन की आशंका है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि इस विषय पर राष्ट्रीय स्तर पर सख्त नीति बनाई जाए और सुरक्षा एजेंसियों के माध्यम से व्यापक जांच कराई जाए। अपने पत्र में उन्होंने चीन का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां मदरसों की अनुमति नहीं है, जिसके कारण आतंकवादी घटनाएं नहीं होतीं।इससे पहले अयोध्या की हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास द्वारा भी मदरसों पर बुलडोजर चलाने की मांग की जा चुकी है। उसी के बाद से यह मुद्दा लगातार चर्चा में बना हुआ है। ब्रज क्षेत्र के कुछ साधु-संतों ने भी मदरसों पर कार्रवाई की मांग का समर्थन किया है, जिससे बहस और तेज हो गई है।दूसरी ओर, मुस्लिम समाज और कई सामाजिक संगठनों ने इन बयानों पर कड़ा ऐतराज जताया है। उनका कहना है कि मदरसे शिक्षा के केंद्र हैं, जहां धार्मिक और नैतिक शिक्षा दी जाती है। किसी एक या दो घटनाओं के आधार पर सभी मदरसों को कटघरे में खड़ा करना गलत और भ्रामक है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और संविधान के दायरे में रहकर कार्रवाई करने की मांग की है।फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर प्रधानमंत्री को लिखे गए पत्र पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जानकारों का कहना है कि यदि कोई जांच या कार्रवाई होती है, तो वह कानून और संविधान के तहत ही की जाएगी। मामला फिलहाल जांच और चर्चा के अधीन बना हुआ है।