मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार की तथाकथित वसूली पुलिस का कहर एक गरीब पिकअप ड्राइवर पर टूट पड़ा। मार-मारकर उसे अधमरा कर दिया गया। मामला मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले से सामने आया है, जहां ओरछा यातायात पुलिस पर खाकी की आड़ में बर्बरता के गंभीर आरोप लगे हैं।दरअसल, निवाड़ी जिला उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिला झांसी से सटा हुआ है। इसी रास्ते से व्यापारी ट्रक, लोडर और पिकअप वाहनों के जरिए अपना व्यवसायिक सामान झांसी लाने-ले जाने का काम करते हैं। आरोप है कि इसके एवज में ओरछा यातायात थाना पुलिस को वाहन चालकों से हर महीने 500 से 1000 रुपये तक की एंट्री चुकानी पड़ती है। एंट्री देने के बाद वाहन बेधड़क आवाजाही करते हैं।लेकिन कल जब पिकअप ड्राइवर विजय कुशवाहा, निवासी ग्राम बछोड़ा, मूंगफली भरकर पिकअप वाहन से झांसी जा रहा था, तभी ओरछा यातायात पुलिस ने उसे कथित वसूली पॉइंट पर चेकिंग के दौरान रोकने की कोशिश की। ड्राइवर वहां नहीं रुका।इतनी सी बात पर चेकिंग कर रहे यातायात प्रभारी नीरज शर्मा का पारा सातवें आसमान पर चढ़ गया। उन्होंने अपनी सरकारी गाड़ी से पिकअप वाहन का पीछा किया, कुछ दूरी पर पकड़कर वाहन सहित ड्राइवर को थाने ले आए।पीड़ित ड्राइवर लगातार पुलिस से गुहार लगाता रहा कि उसकी मासिक एंट्री पहले से जमा है, इसी वजह से वह एंट्री पॉइंट पर नहीं रुका। लेकिन यातायात प्रभारी का गुस्सा शांत नहीं हुआ और ड्राइवर विजय कुशवाहा को थाने में इतनी बेरहमी से पीटा गया कि उसके शरीर पर चोटों के साफ निशान देखे जा सकते हैं। घायल ड्राइवर का इलाज फिलहाल पृथ्वीपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है।पीड़ित का कहना है कि उसका कसूर सिर्फ इतना था कि एंट्री जमा होने के कारण वह चेकिंग पॉइंट पर नहीं रुका। उसने यह भी आरोप लगाया कि थाने में उसी वक्त एक अन्य ट्रक ड्राइवर को भी पीटा जा रहा था। जब विजय कुशवाहा ने इस मारपीट का वीडियो अपने मोबाइल से बनाना शुरू किया, तो पुलिस और भड़क गई और यातायात प्रभारी ने उसकी और भी बेरहमी से पिटाई कर दी।अब मारपीट में घायल ड्राइवर न्याय की गुहार लगा रहा है। वहीं इस पूरे मामले में ओरछा यातायात प्रभारी नीरज शर्मा कैमरे के सामने कुछ भी कहने से कतरा रहे हैं, जबकि पुलिस के आला अधिकारी भी इस गंभीर मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं।