मथुरा (वृंदावन)।
वृंदावन परिक्रमा मार्ग स्थित श्याम कुटी के सामने मोहिनी नगर में रहने वाले संत राघवेंद्र आचार्य महाराज ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संत राघवेंद्र आचार्य महाराज ने कहा कि वर्षों पहले वृंदावन में यदुवंश गोलोक हिंदी संस्कृत महाविद्यालय की स्थापना को लेकर तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव द्वारा वादा किया गया था, लेकिन आज तक यह वादा पूरा नहीं किया गया।संत राघवेंद्र आचार्य महाराज ने बताया कि महाविद्यालय की स्थापना को लेकर कई बार आश्वासन दिए गए। इस संबंध में तत्कालीन मंत्रियों द्वारा पत्राचार भी किया गया, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि संत समाज लंबे समय से इस विषय को लेकर प्रतीक्षा कर रहा है, लेकिन अब तक केवल निराशा ही हाथ लगी है।उन्होंने एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान अखिलेश यादव द्वारा उनसे पूजा-पाठ और यज्ञ करवाया गया था। उस दौरान 108 ब्राह्मणों को दक्षिणा देने का वादा किया गया था, लेकिन आज तक उस दक्षिणा का भुगतान नहीं किया गया। संत राघवेंद्र आचार्य महाराज ने इसे संत समाज और ब्राह्मणों के साथ अन्याय बताया।संत राघवेंद्र आचार्य महाराज ने कहा, “हमें बार-बार सिर्फ आश्वासन ही मिले, लेकिन हमारी बात को कभी गंभीरता से नहीं लिया गया। जो वादे किए गए थे, वे आज भी अधूरे हैं।”उन्होंने यह भी कहा कि यदि भविष्य में भी संतों के साथ इसी तरह का व्यवहार किया गया और वादे पूरे नहीं किए गए, तो इसका राजनीतिक नुकसान समाजवादी पार्टी को उठाना पड़ सकता है।संत राघवेंद्र आचार्य महाराज ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव तक भी इन मुद्दों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो संत समाज इसे अपना अपमान मानेगा। उन्होंने दावा किया कि इससे समाजवादी पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचेगा और आगामी चुनावों में पार्टी को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।अंत में संत राघवेंद्र आचार्य महाराज ने कहा कि संत समाज किसी टकराव की नहीं, बल्कि सम्मान और किए गए वादों को पूरा किए जाने की अपेक्षा रखता है। उन्होंने समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से इस दिशा में जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की है।