रीवा (मध्य प्रदेश)।
रीवा जिले के मनगवां थाना क्षेत्र से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। 15 जनवरी से लापता 18 वर्षीय प्रीति तिवारी का शव गुरुवार को गांव के पास नदी में तैरता मिला। यह घटना न केवल एक मौत है, बल्कि न्याय की गुहार लगाने वाले एक पिता के संघर्ष की करुण गाथा भी है।

प्रीति के पिता चंद्र प्रकाश तिवारी ने पुलिस की कथित सुस्ती पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि प्रीति के लापता होने के अगले ही दिन यानी 16 जनवरी को उन्होंने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। परिजनों ने गांव के ही अंशुल दुबे और उसके परिवार पर अपहरण का संदेह जताया, लेकिन पुलिस ने ठोस कार्रवाई नहीं की।पिता ने आगे बताया कि उन्होंने 15 दिनों तक थाने, एसपी ऑफिस और सीएम हेल्पलाइन 181 तक गुहार लगाई, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उनकी बेटी की जिंदगी को बचाने में कथित देरी ने परिवार और गांव में गहरा आक्रोश और तनाव पैदा कर दिया।तिवनी चौथियान टोला में इस घटना के बाद से भारी तनाव व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह घटना सोची-समझी हत्या हो सकती है।

पुलिस का पक्ष:
मनगवां पुलिस ने शव को रेस्क्यू कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे लगातार खोजबीन कर रहे थे और अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह और हत्या या आत्महत्या के एंगल की पुष्टि हो पाएगी।यह घटना रीवा जिले में पुलिस सुरक्षा तंत्र और 181 हेल्पलाइन की क्षमता पर सवाल खड़ा करती है। पूरे जिले में इस दर्दनाक कहानी ने लोगों को झकझोर दिया है और एक पिता के संघर्ष को उजागर किया है।