जर्जर स्कूल भवन बने बच्चों की परेशानी, मनोहरथाना ब्लॉक के 26 विद्यालय शिफ्ट
झालावाड़।
एक ओर राज्य सरकार अपने दो वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धियों का बखान कर रही है, वहीं दूसरी ओर झालावाड़ जिले के मनोहरथाना ब्लॉक में जर्जर घोषित विद्यालय भवनों को जमींदोज करने के बाद अब उन विद्यालय भवन को सरकार भूल गई ।
पिपलोदी हादसे के बाद जर्जर घोषित किए गए विद्यालय भवनों को जमींदोज करने के बाद , ब्लॉक के करीब 26 विद्यालयों को पास के विद्यालयों में शिफ्ट कर दिया गया है।
विद्यालय शिफ्ट किए जाने से 10 जनवरी के बाद स्कूल खुलने पर बच्चों को 3 से 4 किलोमीटर दूर दूसरे विद्यालयों तक पैदल जाना पड़ेगा, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका है। छोटे-छोटे बच्चों के लिए रोज इतनी दूरी तय करना न केवल कठिन है, बल्कि सड़क मार्ग से आने-जाने में हादसों का खतरा भी बना रहेगा। इससे अभिभावकों की चिंता और बढ़ गई है।
पिपलोदी हादसे की यादें अब भी ताजा
25 जुलाई को मनोहरथाना ब्लॉक के पिपलोदी गांव में हुए हादसे में विद्यालय की छत गिरने से 7 मासूम बच्चों की मौत हो गई थी, जबकि करीब 23 बच्चे घायल हुए थे। इस घटना के बाद से ही अभिभावकों के मन में बच्चों की सुरक्षा को लेकर डर बना हुआ है। ऐसे में अब विद्यालयों को दूर शिफ्ट किए जाने से उनकी चिंता और गहरी हो गई है।
बोर्ड परीक्षा पर भी पड़ेगा असर
विद्यालय शिफ्ट होने से बच्चों को नए स्कूल, नया माहौल, नए शिक्षक और नए सहपाठियों के साथ सामंजस्य बैठाने में समय लगेगा। वहीं फरवरी से बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं, ऐसे में पढ़ाई में व्यवधान से परीक्षा परिणाम प्रभावित होने की भी आशंका जताई जा रही है।
13 विद्यालयों में दर्ज हुई आपत्ति
इस पूरे मामले में 13 विद्यालयों द्वारा आपत्ति दर्ज कराई गई है, जिसमें मुख्य रूप से दूरी और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दे शामिल हैं।
इनका कहना है
ब्लॉक में करीब 26 विद्यालयों को पास के विद्यालयों में शिफ्ट किया गया है। इनमें से 13 विद्यालयों की ओर से दूरी व अन्य कारणों को लेकर आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। सभी आपत्तियों को उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है। जो भी आदेश प्राप्त होंगे, नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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