भोपाल।
सुरखी विधानसभा क्षेत्र में गांव-गांव हो रहे विकास कार्यों को देखकर कांग्रेस बौखला गई है। आज छोटे-छोटे गांव भी पक्की सड़कों से जुड़ चुके हैं और भाजपा के विकास कार्यों ने कांग्रेस के मुद्दे समाप्त कर दिए हैं। यह बात खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने सुरखी विधानसभा क्षेत्र के सहाजपुरी खुर्द सहित विभिन्न गांवों में विकास कार्यों के भूमि पूजन एवं लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान कही।खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा जनता को भ्रमित करने का काम किया है, जबकि भाजपा ने ज़मीन पर उतरकर विकास करके दिखाया है। उन्होंने कहा कि सुरखी विधानसभा के विकास के लिए वे और उनका पूरा परिवार दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। उनका संकल्प है कि सुरखी विधानसभा विकास के मामले में प्रदेश में अलग पहचान बनाए।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृढ़ संकल्प ने भारत को विश्व पटल पर नई पहचान दिलाई है, वहीं प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की दूरदर्शी सोच से मध्यप्रदेश में विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। भाजपा सरकार जनता के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

इन विकास कार्यों का किया भूमि पूजन व लोकार्पण

खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने ग्राम सहजपुरी खुर्द में मंगल भवन, सहजपुरी खुर्द से सहजपुरी बुजुर्ग तक 3.30 करोड़ रुपये की लागत से पहुंच मार्ग, केवलारी से सहजपुरी मार्ग, केवलारी से सूरजपुरा मार्ग तथा चारटोरिया से केवलारी मार्ग की घोषणा की। इसके साथ ही चारटोरिया से राज मंदिर तक सीसी रोड निर्माण की घोषणा की गई। कुल मिलाकर 20 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि पूजन किया गया।इसके अतिरिक्त ग्रामवासियों की मांग पर सहजपुरी बुजुर्ग, सहजपुरी खुर्द, केवलारी एवं सूरजपुरा में सार्वजनिक कार्यों के लिए 15-15 लाख रुपये की लागत से मंगल भवन निर्माण की घोषणा भी की गई।

छात्र-छात्राओं को निःशुल्क साइकिल वितर

कार्यक्रम के दौरान शासकीय हाई स्कूल एवं माध्यमिक शाला चारटोरिया में छात्र-छात्राओं को निःशुल्क साइकिल वितरित की गई। खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का संकल्प है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। इसी उद्देश्य से गांव-गांव साइकिल वितरण किया जा रहा है। साथ ही क्षेत्र के विद्यालयों में स्मार्ट क्लास भी शुरू की जा रही हैं, ताकि बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ा जा सके।