मोहन बड़ोदिया नगर में स्थित श्री गुसाई जी की बैठक पर आयोजित 151 भव्य श्रीमद भागवत कथा महोत्सव में श्रद्धालुओं की आस्था उमड़ रही है। 11 मार्च से प्रारंभ हुई सात दिवसीय इस धार्मिक आयोजन के तीसरे दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण करने पहुंचे, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।पुज्यपाद आचार्य डॉ. गोस्वामी श्री ब्रजोत्सव जी महाराज ने अपने मुखारविंद से श्रीमद भागवत कथा का रसपान कराते हुए ध्रुव चरित्र, जड़ भरत–रहुगण संवाद, अजामिल उपाख्यान, वृत्तासुर प्रसंग तथा चतु:श्लोकी भागवत का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान की सच्ची भक्ति और सत्कर्म ही जीवन को सफल बनाते हैं। ध्रुव चरित्र का वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि अटूट श्रद्धा और दृढ़ संकल्प से की गई भक्ति से भगवान अवश्य प्रसन्न होते हैं।कथा के दौरान भजन-कीर्तन की मधुर धुनों पर श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए। कथा पंडाल में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। आयोजन स्थल को आकर्षक रूप से सजाया गया है, जिससे पूरा वातावरण धार्मिक और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत दिखाई दे रहा है।कथा समापन के बाद आरती कर प्रसादी का वितरण किया गया। साथ ही श्री गुसाई जी की बैठक पर फल-फूल बाग उत्सव के भी दर्शन हुए। आयोजन समिति के अनुसार 17 मार्च को कथा की पूर्णाहुति के साथ महाप्रसादी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें नगर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।