UGC New Rule पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, जातिगत भेदभाव को लेकर उठे सवाल
UGC New Rule को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (UGC) के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने अगले आदेश तक रोक लगा दी है। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने सुनवाई के दौरान इन नियमों को लेकर गंभीर सवाल उठाए और कहा कि ये नियम अस्पष्ट हैं तथा इनके दुरुपयोग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि देश ने जातिविहीन समाज की दिशा में काफी कुछ हासिल किया है, ऐसे में यह देखना होगा कि कहीं हम उल्टी दिशा में तो नहीं बढ़ रहे।
अगली सुनवाई कब होगी?
याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ वकील विष्णु जैन ने अदालत में दलील दी कि UGC के रेगुलेशन के सेक्शन 3C, जिसमें SC, ST और OBC से जुड़े प्रावधान हैं, जातिगत भेदभाव को बढ़ावा दे सकते हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल नियमों पर रोक लगाते हुए कहा कि मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी।
CJI सूर्यकांत की अहम टिप्पणी
सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने कहा कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (SC/ST) छात्रों के लिए अलग-अलग हॉस्टल जैसी व्यवस्थाओं पर पुनर्विचार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आरक्षित वर्ग में भी कई लोग अब आर्थिक और सामाजिक रूप से समृद्ध हो चुके हैं और उनके पास अन्य छात्रों की तुलना में बेहतर सुविधाएं मौजूद हैं।
UGC के नए नियमों पर विवाद क्यों?
UGC ने 13 जनवरी 2026 को ‘प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन रेगुलेशन्स’ के तहत नए नियम लागू किए थे। इन नियमों का उद्देश्य कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में जाति, लिंग, धर्म, जन्मस्थान आदि के आधार पर होने वाले भेदभाव को रोकना था।

राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (21 फ़रवरी 2026)
श्रम विभाग की कल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने श्रमिक भाई -बहन बनें जागरूक- राजस्व मंत्री वर्मा
डिजिटल सुविधा केंद्र में 86 वर्षीय भक्तिन राय को अंगूठे के निशान पर मिल रही सुविधाएं
मगरमच्छ का सुरक्षित रेस्क्यू, जंगल सफारी में मिला नया आश्रय
मुख्यमंत्री डॉ. यादव दतिया को देंगे 532 करोड़ रूपये के विकास की सौगातें
खेल आपसी सद्भाव, अनुशासन और टीम भावना को मजबूत करने का सशक्त माध्यम-राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा