बरूड़। खरगोन जिले के टांडा-बरूड क्षेत्र में स्थित  लक्ष्मीबाई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य सेवाएं गंभीर रूप से बदहाल हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि रात्रि के समय डॉक्टर अनुपस्थित रहते हैं, जिससे मरीजों को तत्काल उपचार नहीं मिल पाता और मजबूरी में उन्हें जिला अस्पताल या निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र की लापरवाही के चलते क्षेत्र की जनता समय पर इलाज से वंचित हो रही है। जमीन दानदाता भगवान कुमरावत ने भी इस मुद्दे को उठाया और बताया कि उन्होंने गरीब ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें, इसके लिए करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन दान की थी, लेकिन डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण उनका उद्देश्य अधूरा रह गया।इस संबंध में क्षेत्रीय विधायक केदार डावर ने कहा कि वे स्वास्थ्य केंद्र की अव्यवस्थाओं और रात्रि में डॉक्टरों की अनुपस्थिति का मुद्दा विधानसभा में उठाएंगे।वहीं, स्वास्थ्य केंद्र के बीएमओ प्रकाश मंडलोई पर व्यवस्थाओं पर ध्यान न देने का आरोप भी ग्रामीणों ने लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस स्वास्थ्य केंद्र से लगभग 20 से 25 गांव जुड़े हुए हैं, जहां आदिवासी बहुल क्षेत्र की गरीब जनता इलाज के लिए निजी अस्पतालों पर निर्भर हो रही है।ग्रामीण पंकज दवाने, विजय निहाले और मनोज कोचले ने कहा कि शिकायत करने पर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। जब मीडिया ने इस संबंध में सीएमएचओ दोस्त सिंह चौहान से बात की, तो उन्होंने कहा कि “डॉक्टरों की व्यवस्थाएं की जा रही हैं।”ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शिकायतों को बिना जांच के ही विभागीय स्तर पर बंद कर दिया जाता है, जिससे अब लोग मुख्यमंत्री की सीएम हेल्पलाइन पर भी भरोसा नहीं कर पा रहे हैं।