नरसिंहपुर पुलिस ने साइबर अपराध से जुड़े म्यूल अकाउंट गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कई अहम खुलासे किए हैं। पुलिस जांच में अब तक जिले के 180 बैंक खातों को म्यूल अकाउंट के रूप में चिन्हित किया गया है, जिनके माध्यम से लगभग 15 करोड़ रुपये के अवैध लेन-देन का पता चला है। इस कार्रवाई में अब तक 17 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है, जबकि कई अन्य के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई जारी है।पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष जांच टीम का गठन किया था। साथ ही  टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंक खातों की जांच के आधार पर संदिग्ध लेन-देन का विश्लेषण किया। जांच में सामने आया कि आरोपी भोले-भाले लोगों को आर्थिक लाभ का लालच देकर उनके बैंक खाते, पासबुक और एटीएम कार्ड हासिल कर लेते थे और उनका उपयोग साइबर फ्रॉड, ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म और सेक्सटॉर्शन जैसे अपराधों में करते थे। पुलिस की कार्रवाई के दौरान अब तक 35 म्यूल अकाउंट बंद कराए जा चुके हैं। साथ ही 9 पासबुक, 4 एटीएम कार्ड और 9 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। अलग-अलग थाना क्षेत्रों से कुल 17 आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर उन्हें जेल भेजा गया है। साथ ही 

पुलिस ने बताया कि पिछले एक वर्ष के दौरान साइबर फ्रॉड के मामलों में करीब 45 लाख रुपये की राशि पर होल्ड लगवाया गया था जबकि सतत प्रयासों से लगभग 53 लाख रुपये पीड़ित खाताधारकों को वापस दिलाए गए हैं। इस पूरे नेटवर्क का खुलासा करने में थाना करेली के निरीक्षक रत्नाकर हिग्वें, थाना स्टेशनगंज के निरीक्षक सौरभ पटेल, थाना गाडरवारा के निरीक्षक अशोक चौहान सहित पुलिस टीम के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहनीय भूमिका रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के लालच में आकर अपने बैंक खाते, एटीएम या पासबुक किसी अन्य को न दें, अन्यथा वे भी अपराध में शामिल माने जा सकते हैं।