जबलपुर – मध्य विधानसभा में विकास कार्यों और जनसरोकारों को प्राथमिकता देते हुए विधायक डॉ. अलीलाल पांडे ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र (1 से 5 दिसंबर 2025) में कई अहम मुद्दे मजबूती से उठाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में युवाओं, बच्चों और आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान तेज़ी से होना बेहद जरूरी है।सत्र के दौरान युवाओं के कौशल विकास को लेकर उन्होंने PMKVY योजना की धीमी प्रगति पर चिंता जताई। आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि 34,780 युवाओं को प्रशिक्षित किए जाने के बावजूद केवल 6,697 युवाओं को ही रोजगार या स्वरोजगार मिल पाया है। उन्होंने वर्ष 2025–26 में जबलपुर के लिए निर्धारित केवल 220 युवाओं के प्रशिक्षण लक्ष्य को भी बेहद अपर्याप्त बताते हुए इसे बढ़ाने की मांग की।बच्चों में बढ़ती स्मार्टफोन की लत को लेकर भी उन्होंने गंभीर चिंता व्यक्त की। AIIMS की रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मायोपिया से पीड़ित बच्चों की संख्या 2001 में 7% से बढ़कर 2021 में 21% हो गई है। वर्तमान में देश के 10 से 14 वर्ष की आयु के 83% बच्चे मोबाइल का उपयोग कर रहे हैं, जो भविष्य में बड़ी स्वास्थ्य समस्या बन सकता है। उन्होंने स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम और नियमित नेत्र परीक्षण की आवश्यकता बताई।अपने संबोधन में उन्होंने क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों का भी विस्तृत विवरण दिया। सड़क और नाली निर्माण पर 52 करोड़, पानी के टैंकों के निर्माण पर 70 करोड़, रोपवे परियोजना पर 234 करोड़ और गार्डन विकास पर 3 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं। इसके साथ ही संजीवनी नगर फ्लाईओवर का निर्माण तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। वहीं 431 करोड़ की लागत से बन रहा नया ITI भवन और कृषि उपज मंडी शहर के विकास के नए आयाम स्थापित करेंगे।उन्होंने ई-रिक्शा व्यवस्था, खेल सुविधाओं के विस्तार, तकनीकी शिक्षा के उन्नयन, बढ़ते ट्रैफिक दबाव, पर्यावरण संरक्षण, खाद्य सुरक्षा, बीमारी नियंत्रण और नागरिक सेवाओं में सुधार जैसे मुद्दों पर भी विस्तार से बात की। विधायक ने कहा कि जबलपुर को बेहतर और आधुनिक शहर बनाने की दिशा में सतत प्रयास किए जा रहे हैं और आने वाले समय में इन कार्यों को और गति दी जाएगी।