JP Nadda Birthday Special: विश्व की सबसे बड़े राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मोदी सरकार 3.0 में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश (जेपी) नड्डा 2 दिसंबर को अपना 65वां जन्मदिन मना रहे हैं। छात्र राजनीति से लेकर देश की राजनीति के शीर्ष पदों तक पहुंचने का उनका सफर काफ़ी संघर्षपूर्ण और उतार-चढ़ाव से भरा रहा है।

जन्म और परिवार

जेपी नड्डा का जन्म 2 दिसंबर 1960 को बिहार के पटना में हुआ। शुरुआती शिक्षा के बाद उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से बीए, और बाद में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से एलएलबी की पढ़ाई पूरी की। छात्र राजनीति के दौरान ही उनका रुझान सक्रिय राजनीति की ओर बढ़ा, और वर्ष 1983–84 में वे सक्रिय सियासत में आए।

सियासी सफर

छात्र राजनीति के बाद उन्होंने भारतीय जनता युवा मोर्चा और फिर भारतीय जनता पार्टी में कार्य करना शुरू किया। वर्ष 1993 में हिमाचल प्रदेश में भाजपा की स्थिति कमजोर होने के बावजूद केंद्रीय नेतृत्व ने नड्डा को चुनाव लड़ने के लिए वापस हिमाचल भेजा। उस चुनाव में भाजपा के सिर्फ 8 विधायक जीतकर आए, और राज्य में कांग्रेस की सरकार बनी।

इस दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेता जगदेव चंद के साथ युवा नेता नड्डा भी विधानसभा पहुंचे। लेकिन शपथ ग्रहण से पहले ही जगदेव चंद का निधन हो गया, जिसके बाद भाजपा विधायक दल का नेता जेपी नड्डा को चुना गया। 1993 से 1998 तक उन्होंने विधानसभा में भाजपा विधायक दल का नेतृत्व किया।

 वर्ष 2003 में मंत्री रहते हुए नड्डा चुनाव हार गए, लेकिन 2007 में उन्होंने वापसी करते हुए जीत दर्ज की। हालांकि हिमाचल की राजनीति में कुछ नेताओं से अनबन के चलते नड्डा का रुख केंद्र की राजनीति की ओर हो गया और वे राज्यसभा सांसद बने।

भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष और राष्ट्रीय अध्यक्ष

वर्ष 2019 में उन्हें मंत्री पद नहीं दिया गया, जिसके बाद उन्हें 19 जून 2019 को भाजपा का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया। फिर वर्ष 2020 में जेपी नड्डा को भारतीय जनता पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया। आज भी वे इसी पद पर कार्यरत हैं।मोदी सरकार 3.0 में जेपी नड्डा को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री का दायित्व सौंपा गया है। छोटे से पहाड़ी राज्य से निकलकर देश की राजनीति में उन्होंने अपनी मजबूत पहचान बनाई है।