मथुरा। जिले की छाता तहसील के गांव खायरा में आज एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां गांव के युवक ईश्वर दयाल (पुत्र शिवराम उर्फ सिब्बो) ने जामुन के पेड़ पर स्टॉल से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पूरे परिवार में चीख-पुकार मच गई और गांव में मातम का माहौल बन गया।मृतक तीन भाइयों और दो बहनों में बीच का था। दोनों बहनों की शादी हो चुकी है, जबकि तीनों भाई अविवाहित थे। अचानक हुए इस दुखद हादसे ने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया है। लोग इसे एक गहरी सामाजिक त्रासदी के रूप में देख रहे हैं।गांव के लोगों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में लंबे समय से जुआ और सट्टा खुलेआम चल रहा है, जिसके कारण कई युवा इसकी चपेट में आ गए। मृतक के भाई ने बताया कि गांव के ही कुछ लोग काफी समय से जुए का धंधा कर रहे हैं और कई युवाओं को इसमें फंसा चुके हैं। उसके अनुसार, ईश्वर दयाल भी इसी जुआ–सट्टे में उलझ चुका था और धीरे-धीरे उस पर भारी कर्ज हो गया।

कर्ज देने वाले लोग घर के दरवाजे पर रोज पैसे मांगने आने लगे, जबकि परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर थी। लगातार बढ़ते दबाव और मानसिक तनाव के कारण युवक बेहद परेशान रहने लगा। परिवार का कहना है कि इसी तनाव की वजह से उसने आज यह चरम कदम उठाया और पेड़ पर फांसी लगा ली।घटना के बाद गांव के लोग जुआ–सट्टा चलाने वालों पर गुस्से में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस अवैध धंधे ने कई युवाओं का जीवन बर्बाद कर दिया है और अब एक परिवार को अपूरणीय क्षति पहुँचा दी। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जुआ–सट्टा कराने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।यह घटना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि गलत आदतें और गलत संगत किस तरह किसी परिवार की खुशियाँ छीन सकती हैं और जीवन को अंधकार में धकेल सकती हैं।